दिल्ली की सत्ता पर बैठने वाली पहली महिला शासक रजिया सुल्तान यूं तो बेहद खूबसूरत, वाकपटु और कई विद्याओं में निपुण थी, लेकिन वह स्वभाव से नकचढ़ी भी थी और तुरंत फैसले लेकर कठोर से कठोर दंड का आदेश भी दे देती थी।
एक दिन रजिया ने अपने बावर्ची खाने में जाकर देखा तो पाया कि उसकी बावर्चिन की जब भी नाक बहती है वो उसे अपने आस्तीन से पोंछ लेती है। रजिया को यह देखकर इतना क्रोध आया कि उसने अपनी बावर्चिन की नाक काटने का आदेश दे दिया। यह विवरण भारत की गरिमामई नारियां किताब से लिया गया है।
वहीं एक दिन उसके समक्ष एक ऐसा व्यक्ति पेश किया जिसने अपनी पत्नी को ढाल से मारा था। जब रजिया को पता चला कि इस व्यक्ति ने अपनी पत्नी को सिर्फ इसलिए मारा था क्योंकि उसकी पत्नी ने खाने में नमर तेज कर दिया था।
इतना सुनकर रजिया को इतना क्रोध आया कि उसने पुरुष को छोड़ने के आदेश के साथ साथ यह आदेश भी दिया कि इस महिला के मुंह में नमक भर दिया जाए। वहीं जब एक स्त्री ने इस कठोर दंड का प्रतिवाद किया तो इस पर रजिया ने कहा कि स्त्रियों को सभ्य बनाने के लिए इससे कोमल दंड कोई और नहीं हो सकता है। यह सबसे हल्की सजा है।