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नकचढ़ी थी रजिया सुल्तान, कटवा दी थी बावर्ची की नाक

Sat, 28 Mar 2015 12:11 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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दिल्ली की सत्ता पर बैठने वाली पहली महिला शासक रजिया सुल्तान यूं तो बेहद खूबसूरत, वाकपटु और कई विद्याओं में निपुण थी, लेकिन वह स्वभाव से नकचढ़ी भी थी और तुरंत फैसले लेकर कठोर से कठोर दंड का आदेश भी दे देती थी।
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एक दिन रजिया ने अपने बावर्ची खाने में जाकर देखा तो पाया कि उसकी बावर्चिन की जब भी नाक बहती है वो उसे अपने आस्तीन से पोंछ लेती है। रजिया को यह देखकर इतना क्रोध आया कि उसने अपनी बावर्चिन की नाक काटने का आदेश दे दिया। यह विवरण भारत की गरिमामई नारियां किताब से लिया गया है।

वहीं एक दिन उसके समक्ष एक ऐसा व्यक्ति पेश किया जिसने अपनी पत्नी को ढाल से मारा था। जब रजिया को पता चला कि इस व्यक्ति ने अपनी पत्नी को सिर्फ इसलिए मारा था क्योंकि उसकी पत्नी ने खाने में नमर तेज कर दिया था।
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इतना सुनकर रजिया को इतना क्रोध आया कि उसने पुरुष को छोड़ने के आदेश के साथ साथ यह आदेश भी दिया कि इस महिला के मुंह में नमक भर दिया जाए। वहीं जब एक स्त्री ने इस कठोर दंड का प्रतिवाद किया तो इस पर रजिया ने कहा कि स्त्रियों को सभ्य बनाने के लिए इससे कोमल दंड कोई और नहीं हो सकता है। यह सबसे हल्की सजा है।

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रजिया को थी प्रेम कहानियों से नफरत

रजिया को प्रेम कहानियों से काफी घृणा थी। एक दिन किसी स्त्री ने उसे हजरत यूसुफ जुले खां की प्रेम कहानी सुनाना शुरु कर दिया। इस पर रजिया ने कहा कि जब स्त्री को घर में कोई काम नहीं होता है तब उसे प्रेम सूझता है। उन्होंने आदेश दिया कि भविष्य में उनके सामने किसी के भी प्रेम की चर्चा न की जाए क्योंकि वो न तो निकिम्मी हैं और न ही वो निकम्मी बनना चाहती है।

अल्तमश की पुत्री रजिया बेहद धार्मिक थी। उसकी सबसे बड़ी कठिनाई उसका सौंदर्य था। वह यह बात अच्छे से जानती थी कि विवाह के बाद उसे किन मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा, इसलिए उसने शादी नहीं की थी। रजिया हमेशा मर्दों के लिबाज में रहती थी और चोंगा पहनती थी, उसे पर्दा बिल्कुल भी पंसद नहीं था।

रजिया अपने दरबार में हर किसी से खुले आम बात करती थी। लोगों को रजिया का तलवार लेकर रणक्षेत्र में जाना और दरबार में हर किसी से बात करना नागवार गुजर रहा था। इसलिए उनके विरोध में यह तक कह दिया गया कि यह यवन सभ्यता और पवित्र कुरान की शिक्षा के खिलाफ है।
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