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वसुंधरा का कैबिनेट मंत्री का सपना नही हुआ पूरा

Sun, 09 Nov 2014 04:46 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जयपुर
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केन्द्रीय मंत्रिमण्डल में राजस्थान से कोई कैबिनेट मंत्री नहीं होने के कारण प्रदेशवासियों की आस इस बार भी अधूर रह गई। लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की पसंद का राज्य से एक-एक नया नाम केन्द्रीय राज्य मंत्री के रूप में मोदी टीम में शामिल हो गया। राज्यवर्द्वन सिंह राठौड़ को मोदी की पसंद बताया जा रहा है, तो सांवरलाल जाट तो राजे की पसंद हैं ही। इस विस्तार के बाद बलात्कार मामले में आरोपी केन्द्रीय राज्य मंत्री निहाल चंद मेघवाल को मोदी टीम से हटाने की चर्चाओं पर विराम लग गया। अब मंत्रिमण्डल में राजस्थान से तीन राज्य मंत्री हैं।
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दोनों ने हराया था दिग्गजों को
अजमेर से सांसद सांवरलाल जाट और जयपुर ग्रामीण से सांसद राज्यवर्धन सिंह दोनों ने ही लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के दिग्गजों को हराया था। राजे के करीबी जाट ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट को हराया था। माना जा रहा है कि जाट को राजे की लोबिंग का भी फायदा हुआ है। राजे के इस कार्यकाल में जाट केबिनेट मंत्री थे और उन्होंने राजे के कहने पर चुनाव लड़ा था। वे राजे के पिछले कार्यकाल में भी केबिनेट मंत्री थे।

इधर, जयपुर ग्रामीण से पहली बार सांसद बने राज्यवर्धन सिंह ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और वर्तमान कांग्रेस महासचिव सी.पी. जोशी को हराया था। ओलम्पिक पदक विजेता निशानेबाज राज्यवद्र्धन सिंह राठौड़ को मोदी ने जयपुर में हुए एक बड़े समारोह में भाजपा की सदस्यता दिलाई थी।
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जाट-राजपूत के बैठाए समीकरण
राजस्थान में राजनीति को जाट व राजपूत समाज दोनों ही प्रभावित करते हैं। राजस्थान में जाटों की संख्या सबसे अधिक है, फिर राजपूत हैं। ऐसे में मोदी ने राजस्थान में जाट-राजपूत समाजों में सोशल इंजीनियरिंग बैठाने का प्रयास किया है। जाट को पहले विस्तार में में जगह नहीं मिलने से समाज में खासी नाराजगी भी थी। इधर, राठौड़ पेशेवर हैं और खेल और फोज से मिले अनुभव से वे मंत्रिमण्डल में प्रभावशाली भूमिका निभा सकते हैं।
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