नौकरशाही में मुख्य सचिव की हैसियत मुख्यमंत्री से कम नहीं होती, लेकिन उसी मुख्य सचिव को मात्र 112 रुपए का बिल पास करने के लिए एड़ियां घिसनी पड़ जाए, तो आप क्या कहेंगे? लालफीताशाही की इन्तहां या कुछ और?
दरअसल राजस्थान में ऐसा ही वाकया सामने आया है। वित्त विभाग के अधिकारियों ने राज्य के मुख्य सचिव राजीव महर्षि का 112 रुपए का यात्रा भत्ते के बिल पास ही नहीं किया।
मुख्यमंत्री वसुंधराराजे के हस्तक्षेप के बाद महर्षि को ये पैसे मिल पाए। और तो और वरिष्ठ अधिकारियों को मसले को सुलझाने के लिए 20 बैठकें करनी पड़ीं।
मामले की चर्चा हाल ही में भाजपा नेता घनश्याम तिवारी ने विधानसभा में की।