महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे ने शनिवार को उपमुख्यमंत्री अजित पवार को ललकारते हुए कहा कि अगर हिम्मत है तो सरकारी रुतबे के बिना उनकी पार्टी को धमका कर दिखाएं।
अपनी पार्टी की एक रैली को संबोधित करते हुए राज ने कहा कि पत्थर हमारी तरफ से भी फेंके जा सकते हैं। इस समय दोनों नेताओं के बीच जमकर वाक्युद्ध चल रहा है और दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता एक दूसरे के खिलाफ सड़कों पर उतरे हुए हैं।
राज ने कहा कि एनसीपी नेता अजित पवार कहते हैं कि मनसे को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। मैं इसके लिए तैयार हूं। अगर उनमें हिम्मत है तो वे गृह मंत्रालय व पुलिस की मदद के बिना मनसे का सामना करें।
उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी आज की रैली के कारण अनेक जगहों पर केबल टीवी का प्रसारण रोक दिया गया है। राज को पागल बताने संबंधी अजित पवार के बयान पर राज ने कहा कि यह दर्शाता है कि कौन पागल हो रहा है? मैं या वे?
उन्होंने मराठवाड़ा की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस व एनसीपी का गढ़ माने जाने वाले पश्चिमी महाराष्ट्र में भारी धनराशि खर्च की जा रही है फिर भी वहां पर भयंकर सूखा चल रहा है। लोग वहां से घर छोड़ कर जा रहे हैं।
उन्होंने अजित पवार से सवाल किया, बताएं कि पिछले कुछ सालों तक सिंचाई मंत्री कौन था। विभिन्न सिंचाई योजनाओं में खर्च किए गए 70 हजार करोड़ रुपए कहां गए। राज्य में सूखे के बदतर हालात के लिए उन्होंने राज्य सरकार खासतौर पर अजित पवार की पार्टी एनसीपी को दोषी ठहराया।