रेलवे अपनी स्कीम इज्जत की समीक्षा करने जा रहा है। इस स्कीम के बढ़ते दुरुपयोग को देखते हुए रेलवे ने इज्जत स्कीम के नियमों को कड़ा बनाने का फैसला किया है।
पूर्व में इस स्कीम के दुरुपयोग का मामला रेलवे बोर्ड के समक्ष भी उठ चुका था। इसके बाद से ही इज्जत स्कीम का फायदा सही लोगों तक पहुंचे, इसकी बात कही गई थी।
रेल मंत्रालय असंगठित क्षेत्रों के निम्नवर्गीय कामगार तथा छात्रों को दिए जाने वाले मासिक रियायती पास ‘इज्जत’ के बढ़ते दुरुपयोग को देखते हुए इसे जारी करने में विशेष सतर्कता बरतेगा।
अब मासिक टिकट ‘इज्जत’ को जारी करते समय इसके फार्म के साथ पहचान पत्र और आवासीय पते की कॉपी लगानी होगी।
यात्रियों को टीटी को मूल पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य होगा।
रेलवे ने एक अगस्त 2009 से यह योजना चलाई थी।
मात्र 25 रुपये के मासिक शुल्क पर योग्य यात्रियों को यह सुविधा प्रदान की गई थी।