रेलवे बोर्ड में वीआईपी कोटे के तहत पैसे लेकर आरक्षण कराने की धांधली का खुलासा हुआ है। रेल मंत्रालय को यह अंदेशा कुछ समय पहले ही लग गया था कि वीआईपी कोटे तहत आरक्षण में धांधलियां की जा रही हैं।
इसी को ध्यान में रखते हुए मंत्रालय ने कोटे के तहत आरक्षण हासिल करने वाले मुसाफिर का मोबाइल नंबर लेना अनिवार्य कर दिया है। इन्हीं मोबाइल नंबरों पर की गई पूछताछ के बाद ही इस धांधली का भंडाफोड़ हुआ है, जिसमें रेलवे बोर्ड के तीन दर्जा चार कर्मी पकड़े गए हैं।
बोर्ड ने इन कर्मियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करते हुए इन्हें बोर्ड दफ्तर से हटा दिया है। अब तक रेलवे बोर्ड से वीआईपी कोटे के तहत आरक्षण हासिल करने के लिए मुसाफिर का मोबाइल नंबर देने की कोई जरूरत नहीं होती थी, लेकिन जब से मोबाइल नंबर दिया जाना अनिवार्य किया गया है, इसके परिणाम सामने आ गए हैं।