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कड़ाके की ठंड में आम आदमी को रेल किराए का करंट

Wed, 09 Jan 2013 11:51 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
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कड़ाकेदार ठंड की मार से जूझ रहे आम आदमी को रेल मंत्री पवन बंसल ने यात्रा टिकट की कीमत में वृद्धि का जोरदार करंट लगाया है। बीते एक दशक से भी अधिक में रेल सवारी का जो किराया नहीं बढ़ा, उसे रेलमंत्री बनने के दो महीने बाद ही बंसल ने बढ़ा दिया।
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दावा यह कि दाम लेंगे तो काम भी देंगे। रेलवे की बढ़िया सेवाओं और बेहतर सुरक्षा के लिए तैयार रहिए। कहने को किराए में यह वृद्धि दो से 10 पैसे प्रति किलोमीटर की है, लेकिन इससे रेल का टिकट करीब 20 फीसदी तक महंगे होंगे। टिकटों की बढ़ी कीमतें 21 जनवरी की आधी रात से लागू होंगी।

बुधवार को रेलमंत्री ने सभी यात्री श्रेणियों का किराया बढ़ाते हुए रेलवे की खराब आर्थिक स्थिति की दुहाई भी दी। मंत्रालय ने दो पैसे से 10 पैसा प्रति किलोमीटर की दर से किराए में बढ़ोतरी का फार्मूला इस तरह से तैयार किया है कि उससे सभी तरह की गाड़ियों के यात्रियों से अच्छी खासी वसूली हो सके।
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राहत की बात इतनी है कि सरकार ने आगामी रेल बजट में यात्री किराए में बढ़ोतरी न करने की घोषणा की है। लेकिन माल भाड़े में बढ़ोतरी के संकेत भी दिए हैं।

बंसल ने बताया कि विभिन्न यात्री श्रेणियों में की गई मूल्य बढ़ोतरी से रेलवे को चालू वित्त वर्ष के अंत तक लगभग 1200 करोड़ रुपये की प्राप्ति होगी। जबकि इस वृद्धि से रेलवे को हर साल अतिरिक्त 6600 करोड़ रुपये हासिल होंगे। इसमें प्रथम श्रेणी के किराए से लगभग 900 से 1000 करोड़ रुपये तक मिलने का अनुमान है।

दरअसल रेलवे से सफर करने वाले कुल यात्रियो में प्रथम व द्वितीय वातानुकूलित और एक्जीक्यूटिव श्रेणी के यात्रियों की संख्या महज 0.3 फीसदी है। लेकिन रेलवे की यात्रियों से होने वाली आमदनी में इनकी हिस्सेदारी दस फीसदी के करीब है।

रेलमंत्री ने कहा कि 21 जनवरी से किराए में बढ़ोतरी से दो महीने में होने वाली आय का उपयोग रेल सेवाओं को और अच्छा बनाने में किया जा सकेगा। रेल किराए में हुई बढ़ोतरी का असर मासिक टिकट के दामों पर भी पड़ेगा।

बंसल ने बताया कि इनपुट लागत में लगातार बढ़ोतरी के बावजूद किराए में वृद्धि न होने के कारण रेलवे की आर्थिक स्थिति लगातार खराब हो रही है।

इसी के चलते सरकार को बजट से पहले रेल किराए में बढ़ोतरी का फैसला करना पड़ा। लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि न प्लेटफार्म टिकट की दर में बढ़ोतरी होगी और न आगामी बजट में रेल यात्री किराया बढ़ाया जाएगा।

किस श्रेणी में कितना बढ़ा
श्रेणी    पैसे/किलोमीटर
सेकेंड क्लास (नगरीय)     2 पैसे
सेकेंड क्लास (उपनगरीय)    3 पैसे
सेकेंड क्लास (मेल एक्सप्रेस ट्रेन)    4 पैसे
एसी चेयरकार    10 पैसे
एसी फर्स्ट क्लास    10 पैसे पहले, अब 3 पैसे
एसी टू टायर    15 पैसे पहले, अब 6 पैसे
एसी फर्स्ट क्लास एक्जीक्यूटिव    30 पैसे पहले, अब 10 पैसे

- 21 जनवरी की मध्यरात्रि से प्रभावी होगा बढ़ा हुआ किराया
- 2 पैसे से 10 पैसे तक की वृद्धि टिकटों का मूल्य 20 प्रतिशत तक बढ़ाएगी
- 10 साल में पहली बार व्यापक स्तर पर बढ़ा यात्री किराया
- 1200 करोड़ रुपये रेलवे को अतिरिक्त मिलेंगे इस साल 21 जनवरी से 31 मार्च के बीच
- 6600 करोड़ रुपये एक साल में रेलवे को प्राप्त होंगे किराया वृद्धि से

- 17 साल बाद कांग्रेस के पास आया था रेल मंत्रालय। सितंबर 2012 में तृणमूल कांग्रेस के मुकुल रॉय के इस्तीफा देने के बाद कांग्रेस के सीपी जोशी ने करीब एक महीने यह मंत्रालय संभाला। फिर अक्तूबर में पवन बंसल ने रेल मंत्री का पदभार संभाला था। इससे पहले कांग्रेस के सीके जाफर शरीफ 1991 से 1995 तक रेल मंत्री थे।

लोग बढ़ा हुआ रेल किराया देने के लिए तैयार हैं। आखिरकार वे रेलवे मॉडर्न बनाना चाहते हैं। उन्हें ज्यादा सुविधाओं और बेहतर सुविधा की दरकार है।- पवन बंसल, रेल मंत्री
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