सीबीआई निदेशक रंजीत सिन्हा का कहना है कि रेलवे में कैश फॉर प्रमोशन मामले की जांच के तीन महीने के अंदर पूरी होने की उम्मीद है।
इस मामले को लेकर पवन कुमार बंसल को हाल ही में रेल मंत्री के पद से इस्तीफा देने को मजबूर होना पड़ा।
साथ ही उन्होंने इस मामले में नरमी बरते जाने के लिए दबाव पड़ने से भी इंकार किया और कहा कि घोटाले का पर्दाफाश उनके अधिकारियों के पेशेवर तरीके से जांच करने की वजह से हुआ।
सीबीआई प्रमुख ने कहा कि हम पर कोई दबाव नहीं था। हमारे अधिकारियों ने बिना किसी राजनीतिक दखलंदाजी के पेशेवर तरीके से अपना काम किया। इसलिए इस मामले में नरम या सख्त रुख अपनाने का कोई सवाल ही नहीं है।
भ्रष्टाचार को दिमाग में रखकर हर काम किया गया। यह मामला एक बड़ी धनराशि के एक हाथ से दूसरे के पास जाने का था। सिन्हा ने जांच एजेंसी द्वारा पूछताछ के लिए पूर्व रेल मंत्री बंसल को समन भेजे जाने की योजना के सवाल का जवाब नहीं दिया।
उन्होंने कहा कि मामले की जांच चल रही है, ऐसे में वह इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। हालांकि उन्होंने कहा कि एजेंसी की कोशिश है कि मामले की जांच और सभी आरोपियों के खिलाफ 90 दिन के अंदर चार्जशीट दाखिल कर दी जाए।