कांग्रेस में राहुल गांधी की बड़ी भूमिका को लेकर धुंध छटना अभी बाकी हो लेकिन उनके एजेंडे के सहारे कांग्रेस ने अपना आगे का रोडमैप तैयार करना शुरू कर दिया है। जयपुर में कांग्रेस की चिंतन बैठक में राहुल का आगे का रास्ता तैयार किया जाएगा। दरअसल, पार्टी के किसी बड़े आयोजन में शायद यह पहली बार हो रहा है कि हाईकमान ने राहुल की ओर से बताए गए ज्यादा से ज्यादा युवाओं को चिंतन बैठक में न्योता दिया है।
सूत्रों के मुताबिक बैठक में आमंत्रित 300 से ज्यादा लोगों में राहुल की पसंद के 118 लोगों को बुलाया गया है। यानी चिंतन शिविर में लगभग तीस फीसदी से अधिक प्रतिनिधि राहुल की युवा ब्रिगेड के होंगे। राहुल ने इन युवाओं को पार्टी की निर्णय निर्धारक प्रक्रिया में न सिर्फ शामिल करने के लिए चिंतन बैठक में बुलाया है, बल्कि इनके अनुभव के आधार पर युवा वर्ग का मन टटोलने की कोशिश भी की जाएगी।
दूसरी तरफ राहुल का एजेंडा ही नहीं बल्कि सोनिया गांधी की सादगी के पाठ की झलक भी चिंतन बैठक में देखने को मिलेगी। बैठक में शामिल होने वालों को फाइव स्टार होटल में नहीं ठहरने के लिए कहा गया है। पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष ने यह सुनिश्चित करने को कहा है कि कोई भी डेलीगेट पांच सितारा होटल में न ठहरे।
जयपुर में 18 से 20 जनवरी को होने वाले चिंतन शिविर और एआईसीसी बैठक का एजेंडा हो या फिर इसमें शामिल होने वाले सदस्यों की सूची, राहुल की भूमिका अहम रही है। यही कारण है कि चिंतन बैठक के आयोजन में राष्ट्रीय युवा कांग्रेस, अखिल भारतीय छात्र संगठन, प्रदेश युवा कांग्रेस और प्रदेश एनएसयूआई के ज्यादा से ज्यादा सदस्यों को बुलाया गया है। साथ ही राहुल के पसंदीदा युवा सांसद और कुछ विधायकों को भी खासतौर से बुलाया गया है।
कांग्रेस के एक शीर्ष नेता ने कहा कि चूंकि राहुल गांधी को अगले कुछ दशक के लिए कांग्रेस का नेतृत्व करना है तो इसी मकसद से चिंतन बैठक में पार्टी की अगली पीढ़ी को शीर्ष स्तर पर विचार मंथन का यह मौका दिया जा रहा है। पार्टी सूत्रों ने कहा कि भ्रष्टाचार के मसले पर अन्ना हजारे और अरविंद केजरीवाल का आंदोलन हो या फिर गैंगरेप को लेकर भड़की जनता का आक्रोश, इन सभी में युवाओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया है। इसलिए पार्टी अब युवाओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए अपने आगे के चुनावी एजेंडे को तैयार करने जा रही है।