कांग्रेस में सोनिया गांधी के बाद अब राहुल गांधी की नंबर दो की भूमिका का औपचारिक ऐलान जल्द हो सकता है। राहुल को अब कांग्रेस में प्रधान महासचिव (सेक्रेटरी जनरल) बनाने की बात चल रही है। इस औपचारिक ऐलान के बाद कांग्रेस के सभी महासचिव सीधे तौर पर राहुल को रिपोर्ट करेंगे। अभी राहुल गांधी पार्टी में महासचिव के पद पर हैं। मगर संगठन में उनकी भूमिका का दायरा बढ़ाने के लिए उनके लिए प्रधान महासचिव का पद बनाने पर विचार हो रहा है।
कांग्रेस में अभी प्रधान महासचिव जैसा कोई पद नहीं है। कांग्रेस में जाहिर तौर पर राहुल को नंबर दो माना जाता है लेकिन अब उनकी भूमिका को पहले से ज्यादा सक्र्रिय करने की बात की जा रही है। सूत्रों का कहना है कि उनको इस पद पर नियुक्ति करने का ऐलान दो नवंबर या उसके बाद हो सकता है। इस पद पर काबिज होते ही पार्टी के सभी महासचिव राहुल के मातहत काम करेंगे। उन्हें अपने कामकाज के बारे में राहुल को रिपोर्ट करना होगा। अभी तक कांग्रेस के सभी महासचिव सोनिया गांधी को अपनी रिपोर्ट सौंपते थे।
राहुल को नई जिम्मेदारी मिलने के साथ ही कांग्रेस संगठन में बड़े पैमाने पर फेरबदल की बात है। राहुल अपने पसंद के कई दिग्गजों को नई जिम्मेदारी सौंप सकते हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि अभी तक एक बार ही कांग्रेस के इतिहास में प्रधान महासचिव के पद की परंपरा रही है।
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने हेमवती नंदन बहुगुणा को इस पद पर आसीन किया था। राहुल के लिए यह जिम्मेदारी किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है, क्योंकि जितने भी महासचिव उनको रिपोर्ट करेंगे। उनमें से ज्यादातर उनके पिता राजीव गांधी और दादी इंदिरा गांधी के साथ भी काम कर चुके हैं। ऐसे में राहुल किस तरह समन्वय बनाकर कांग्रेस को आगे ले जाएंगे इसकी भी परख होगी।