कांग्रेस उपाध्यक्ष पद की कमान संभालने के बाद राहुल गांधी ने अब संगठन को दुरुस्त करने का काम शुरू कर दिया है। कांग्रेस पदाधिकारियों की बृहस्पतिवार को हुई बैठक में राहुल ने दो टूक कहा कि जो गुजर गया, उसमें मेरी कोई दिलचस्पी नहीं है, हमें अब आगे बढ़ने के लिए भविष्य की ओर देखना है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों से कहा कि वे दिल खोलकर बिना झिझक और बिना किसी डर के अपनी बात रखें।
इस मौके पर अहम सवाल उठाते हुए कांग्रेस महासचिव बीके हरिप्रसाद ने कहा कि पार्टी की राजनीति में पैसों का जोर बहुत बढ़ गया है। इसके बल पर चुनाव में टिकट पाने वाले उम्मीदवारों की संख्या बढ़ रही है। हरिप्रसाद ने इस सिलसिले को रोकने की सख्त जरूरत बताई।
वहीं दिग्विजय सिंह ने बड़े मुद्दों पर पार्टी का रुख स्पष्ट न होने की समस्या सामने रखी। उन्होंने कहा कि चाहे दिल्ली गैंगरेप हो या तेलंगाना या फिर पाक सैनिकों की बर्बरता का मामला, कांग्रेस का रुख स्पष्ट नजर नहीं आता। बड़े मुद्दों पर पार्टी के भीतर से अलग-अलग सुर निकलते हैं।
चौधरी बीरेंद्र सिंह ने पार्टी के अंदर सभी को बराबरी का मौका देने की वकालत की। सिंह के अनुसार किसी एक व्यक्ति को लंबे समय तक जिम्मेदारी देने के बजाय सभी को समान अवसर मिलने चाहिए। गुलाम नबी आजाद समेत कई नेताओं ने संगठन में एक व्यक्ति एक पद के सिद्धांत को गंभीरता से लागू करने की बात कही। पार्टी में अनुशासन बनाए रखने, टिकट वितरण में आने वाली दिक्कतों और चिंतन शिविर में तैयार रोडमैप पर आगे बढ़ने को लेकर प्रतिबद्धता जताई गई। राहुल शुक्रवार को दोबारा बैठक लेंगे।
बृहस्पतिवार को दो घंटे से ज्यादा चली बैठक में राज्य के पदाधिकारियों और सभी कांग्रेस महासचिवों ने विचार व्यक्त किए। सबसे पहले राहुल ने सभी पदाधिकारियों को संबोधित किया। कांग्रेस उपाध्यक्ष ने महासचिवों, कांग्रेस कार्यसमिति के स्थायी आमंत्रित सदस्य से लेकर सचिवों और अग्रिम संगठन के प्रमुखों को बैठक में बुलाकर सभी की राय को महत्व दिया। सूत्रों के मुताबिक कई पदाधिकारियों ने सरकार और संगठन में संवाद को सुचारु रूप से कायम रखने के लिए राहुल के हस्तक्षेप की मांग की।
चुनाव सुधार को गठित समूह की अध्यक्षता करेंगी अंबिका सोनी
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बृहस्पतिवार को चुनाव सुधारों को लेकर राय देने के लिए छह सदस्यीय एक समूह गठित किया है। सोनिया गांधी ने जयपुर चिंतन शिविर में इस सिलसिले में समूह बनाने की बात कही थी। इस समूह की अध्यक्षता पार्टी की वरिष्ठ नेता पूर्व सूचना प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी करेंगी। जबकि सदस्यों में पेट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली, एम एस गिल, मणिशंकर अय्यर, ई एम नचियप्पन और मोहन गोपाल शामिल हैं।