राहुल गांधी ने कांग्रेस उपाध्यक्ष का कामकाज बुधवार को संभालते हुए जयपुर चिंतन शिविर में राजनीति को बदलने की अपनी बात दोहराई है। राहुल ने कहा है कि वह नकारात्मक राजनीति नहीं करेंगे और देश में सकारात्मक सियासत करना उनका एजेंडा होगा। उन्होंने कहा कि देश को कुछ देने के लिए सकारात्मक राजनीति की जरूरत है और वह इसी रास्ते पर चलेंगे।
कांग्रेस मुख्यालय 24 अकबर रोड पर शाम को पहुंचे राहुल गांधी ने उपाध्यक्ष के तौर पर पार्टी की पूरी कमान अपने हाथ में लेकर यह साफ संदेश दे दिया कि अब कांग्रेस के तमाम दिग्गज सीधे उन्हें रिपोर्ट करेंगे। इसका संदेश देने के लिए राहुल ने एआईसीसी के तमाम पदाधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता की।
सोनिया गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष बनने के 14 साल बाद यह पहला मौका था, जब पार्टी मुख्यालय में राहुल गांधी ने एआईसीसी के शीर्ष पदाधिकारियों की बैठक की अगुवाई की। संदेश साफ है कि अब कांग्रेसी मुख्यमंत्री हों चाहे कितने भी बड़े दिग्गज सबको राहुल गांधी को ही रिपोर्ट करना होगा। बेशक यह बैठक दस मिनट ही चली और अधिकांश समय तमाम नेताओं ने जयपुर चिंतन बैठक के दौरान उनके भाषण की तारीफ की।
कामकाज संभालने के बाद राहुल गांधी पार्टी महासचिव जनार्दन द्विवेदी के साथ मीडिया से रूबरू हुए। पत्रकारों के सवालों का जवाब देने से तो उन्होंने इनकार कर दिया। मगर अपनी तरफ से जयपुर चिंतन शिविर में किए गए वादों के अनुरूप सियासत करने की बात कही।
राहुल ने कहा कि हमारे देश का मौजूदा राजनीतिक वातावरण काफी नकारात्मक है। इसको वह बदलने की कोशिश करेंगे और नकारात्मक नहीं बल्कि सकारात्मक राजनीति करेंगे। उनका कहना था कि हम बहुत छोटे-छोटे मुद्दों पर ही लड़ते रहते हैं।
राहुल ने कहा कि उन्हें अफसोस है कि देश में इस वक्त नकारात्मक राजनीति का चलन चल पड़ा है। यह सब उनके एजेंडे में नहीं रहेगा। वह सकारात्मक कदम उठाने की कोशिश करेंगे। उनका कहना था कि हम एक विकासशील युवा देश हैं और हम सकारात्मक सोच से किस्मत बदल सकते हैं। इसलिए वे कांग्रेस को एक समग्र परिवार की तरह बदलाव का वाहक बनाएंगे। इसमें युवाओं के साथ सभी को जगह देने की कोशिश होगी।
राहुल गांधी ने यह भी संकेत दिए कि कांग्रेस की उनकी नई टीम में युवा चेहरों को अहमियत दी जाएगी। मगर उन्होंने यह भी कहा कि वह पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को भी साथ लेकर चलेंगे। उनकी सलाह को भी तवज्जो दी जाएगी।