कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रपति महात्मा गांधी की हत्या में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शामिल होने के आरोप संबंधी अपने बयान को वापस लेने से इनकार किया है। आपराधिक मानहानि का मुकदमा झेल रहे राहुल ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि कहा कि वह मेरिट पर इस मामले में कानूनी लड़ाई लड़ना चाहते हैं।
न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने राहुल गांधी को सुझाव दिया था कि आरएसएस के खिलाफ दिए बयान पर वह अफसोस जता ले जिससे कि उनके खिलाफ चल रहे आपराधिक मानहानि के मुकदमे को खत्म किया जा सके। लेकिन राहुल की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि वह इस मुकदमे को आगे बढ़ाना चाहते है और मेरिट पर बहस करना पंसद करेंगे।
सिब्बल ने कहा कि उनके पास अदालत के कई फैसलों के अलावा कई साक्ष्य भी हैं, जिससे वह अपने मुवक्किल का बचाव करेंगे। जिसके बाद अदालत ने सुनवाई 17 फरवरी तक के लिए टाल दी।