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मेरी छवि को मिट्टी में मिलाने की कोशिश: राहुल गांधी

Tue, 25 Sep 2012 08:46 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
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कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट से मंगलवार को कहा कि किशोर समरीते की ओर से दायर याचिका उनकी राष्ट्रीय युवा नेता की राजनीतिक छवि को धूमिल करने का प्रयास है। अमेठी लोकसभा क्षेत्र में महिला के साथ दुष्कर्म का झूठा आरोप उनके राजनीतिक कैरियर को मिट्टी में मिलाने की कुटिल चाल है। याचिकाकर्ता इस कारगुजारी के लिए न सिर्फ मानहानि, बल्कि अदालत से झूठ बोलने के अपराध में अवमानना का भी दोषी है।
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जस्टिस बीएस चौहान की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष कांग्रेस महासचिव की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता पीपी राव ने लिखित दलील पेश करते हुए कहा कि समरीते की याचिका जुर्माने के साथ खारिज करने योग्य है। याचिकाकर्ता पर अदालत से झूठ बोलने के लिए भारी जुर्माना लगाया जाए, जिससे उसे सबक मिले। साथ ही देशभर में यह संदेश जाए कि न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग करना कितना भारी पड़ेगा। राव ने पीठ से कहा कि अदालत से झूठ बोलने के अपराध के मामले पर शीर्ष अदालत स्वत: संज्ञान ले सकती है और सीधे तौर पर अवमानना की कार्यवाही शुरू कर सकती है।

राव ने कहा कि राहुल के लाखों समर्थकों की भावनाओं को याचिका दायर कर चोट पहुंचाई गई है। इसके जरिए राष्ट्रीय युवा नेता की छवि को तार-तार करने का प्रयास राजनीति से प्रेरित होकर किया गया है। यह गिरे हुए स्तर का मानहानि का मामला है जो भारतीय दंड संहिता की धारा 500 के तहत आपराधिक कृत्य है। वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि यह याचिका बिना किसी साक्ष्य के दायर की गई।
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वहीं उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश द्विवेदी ने कहा कि समरीते ने हाईकोर्ट में पीड़ित महिला का जो पता दिया था, असल में वह है ही नहीं, पुलिस ने यह जांच के दौरान पाया। हालांकि उन्होंने इस बात पर सहमति जताई कि हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच को समरीते को नोटिस जारी किए बगैर उनकी याचिका को नहीं खारिज करना चाहिए था। दूसरी ओर पीठ ने कहा कि हाईकोर्ट की ओर से समरीते पर कठोर जुर्माना लगाया गया। जबकि भुगतान की क्षमता से अधिक जुर्माना नहीं लगाया जा सकता। सीबीआई ने भी समरीते के आरोपों को झूठा करार देते हुए कहा कि इस याचिका को दायर करवाने में अन्य लोगों ने धन खर्च किया है।

50 लाख का लगाया था जुर्माना
हाईकोर्ट की डबल बेंच ने समरीते की याचिका खारिज कर उन पर 50 लाख का जुर्माना किया था। समरीते ने राहुल के खिलाफ एक लड़की और उसके परिजनों को कैद में रखने का आरोप लगाने वाली बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका हाईकोर्ट में दाखिल की थी, जिसे बाद में झूठा करार दिया गया था।
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