राहुल गांधी ने पार्टी में महिलाओं को 50 फीसदी प्रतिनिधित्व देने और आम आदमी के लिए संगठन के दरवाजे खोलने पर जोर दिया है।
मिशन 2014 की टीम से पहली बार औपचारिक तौर पर मुखातिब राहुल ने पार्टी विचारधारा के प्रतिबद्ध लोगों को बढ़ावा देने के साथ ही एक परिवार के सदस्य के तौर पर काम करने का संदेश दिया।
साथ ही कहा कि उनकी टीम में सीनियर नेताओं को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। उन्होंने युवाओं को सीख दी कि वह सीनियर नेताओं का सम्मान करें और उनके अनुभव का फायदा उठाकर आगे बढ़े।
शनिवार को कांग्रेस मुख्यालय में राहुल ने नवनियुक्त महासचिवों और सचिवों के साथ बैठक की। बैठक में राहुल ने पार्टी को आम लोगों से जोड़ने पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि संगठन को मजबूत करना है तो प्रतिबद्ध लोगों को बढ़ावा देना होगा।
बैठक में महासचिव लुजिनो फलेरो ने जैसे ही कहा कि वह सात बहनों (अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा) के प्रभारी हैं, राहुल ने कहा कि मगर इस कमरे में तो हमारी सिर्फ छह बहनें हैं।
उन्होंने कहा कि हमारे यहां महिलाओं की मौजूदगी उस अनुपात में नहीं है, जितनी होनी चाहिए। इसके साथ ही राहुल ने दो-तीन साल में महिलाओं का प्रतिनिधित्व 50 फीसदी तक बढ़ाने पर जोर दिया।
छह बहनों से राहुल का मतलब था कि 12 महासचिवों में एकमात्र अंबिका सोनी महिला हैं, जबकि 42 सचिवों में सिर्फ पांच महिलाएं हैं।