कांग्रेस का चिंतन शिविर पूरी तरह राहुल गांधी के रंग में रंगा नजर आ रहा है। चिंतन शिविर के बैनर, पोस्टर व होर्डिंग में भी यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ सिर्फ राहुल गांधी को जगह दी गई है। चिंतन के लिए जुटे नेताओं में करीब 40 फीसदी युवा हैं।
शिविर में शामिल ज्यादातर नेताओं का कहना है कि वर्ष 2014 का लोकसभा चुनाव राहुल गांधी के नेतृत्व में लड़ा जाना चाहिए। शिविर में आए ज्यादातर दिग्गज नेता भी चाहते हैं कि राहुल चुनावी कमान संभालें। वैसे सोनिया गांधी ने अपने संबोधन में राहुल की भूमिका को लेकर कुछ साफ नहीं किया, लेकिन युवा नेतृत्व को तरजीह देने की बात जरूर कही।
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्यमंत्री मनीष तिवारी ने भी मंच से युवा नेतृत्व की पैरवी की, जिसे परोक्ष रूप से राहुल की ओर इशारा माना जा रहा है। गौरतलब है कि पार्टी के अंदर लंबे समय से राहुल को बड़ी जिम्मेदारी देने की चर्चाएं चल रही हैं।
नहीं होगा राहुल बनाम मोदी
अगले लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री पद की दावेदारी के लिए राहुल बनाम मोदी की बहस को कांग्रेस नेताओं ने खारिज कर दिया है। इनका मानना है कि राहुल का मुकाबला गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से बिल्कुल नहीं है। वे मानते हैं कि राहुल देश के नेता है, जबकि मोदी केवल एक राज्य तक सिमटे हुए हैं।
कांग्रेसी सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि राहुल गांधी से मोदी में तुलना नहीं हो सकती। दोनों में काफी अंतर हैं। राहुल किसी प्रदेश के नेता नहीं हैं वह देश के नेता हैं। वहीं, संजय निरुपम ने मोदी को भाजपा के लिए समस्या बताते हुए कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री राहुल जितने बड़े नेता नहीं हैं।
देशहित में लेने पड़ते हैं कड़े फैसले
हाल में केंद्र सरकार की ओर से लिए गए फैसलों को कांग्रेस के चिंतन शिविर में आए कई नेताओं ने देश हित में बताया है। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसे फैसले मजबूरी में लेने पड़ते हैं। केंद्रीय पेयजल एवं सफाई व्यवस्था मंत्री जयराम रमेश ने कहा कि डीजल पर 45 पैसे बढ़ने से महंगाई नहीं बढ़ेगी।
सरकार ने देश हित में अधिक जिम्मेदारी दिखाते हुए डीजल को नियंत्रण मुक्त किया है। यह जरूरी नहीं कि डीजल के दाम बढ़ते ही रहें। जिस तरह से अभी पेट्रोल के दाम कम हुए, ऐसे ही डीजल के दाम भी अंतरराष्ट्रीय बाजार के हिसाब से घट सकते हैं।
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री आरपीएन सिंह ने कहा कि डीजल की दरों में खास बढ़ोतरी नहीं हुई है। संसदीय कार्य राज्यमंत्री राजीव शुक्ला का कहना है कि डीजल को नियंत्रण मुक्त किया गया है, इसे दरों में बढ़ोतरी नहीं कहा जा सकता। उन्होंने कहा कि जब किसी चीज के दाम कम होते हैं, तो मीडिया उसे तवज्जो नहीं देता, लेकिन जब दाम बढ़ते हैं, तो मीडिया उसे मुद्दा बनाने लगता है।
राहुल हमारे नेता हैं और सभी का मत है कि वे अगले चुनाव में पार्टी का नेतृत्व करें। वैसे इस बारे में निर्णय वे खुद लेंगे।--सलमान खुर्शीद, केंद्रीय विदेश मंत्री
कांग्रेस के साथ ही देश की जनता चाहती है कि राहुल गांधी अगले प्रधानमंत्री बनें। देश के युवा भी यही अपेक्षा रखते हैं।--आरपीएन सिंह, केंद्रीय गृह राज्यमंत्री
अगला लोकसभा चुनाव राहुल के नेतृत्व में ही होगा। चिंतन शिविर में आने वालों में आधे युवा नेता हैं।--सचिन पायलट, केंद्रीय कारपोरेट मामलों के मंत्री
सभी की इच्छा है कि अगले चुनाव में राहुल का नेतृत्व मिले। अब जरूरी है कि पार्टी की कमान युवा संभालें।--विजय बहुगुणा, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड
सभी चाहते हैं कि चुनावी नेतृत्व को लेकर राहुल गांधी कोई बड़ी जिम्मेदारी संभालें।--राजीव शुक्ला, संसदीय कार्य राज्यमंत्री
राहुल गांधी ही कांग्रेस का चुनावी फेस होंगे। इसमें कोई शक नहीं है। राहुल के नेतृत्व में ही कांग्रेस का भविष्य है।--संजय निरुपम, कांग्रेस नेता
शिविर में युवा नेतृत्व के मुद्दे पर चर्चा की जाएगी। राहुल नेतृत्व संभालेंगे तो युवाओं को अधिक मौका मिलेगा।-- दिग्विजय सिंह, कांग्रेस महासचिव