संगठन में ओहदा बढ़ाने के साथ ही अब कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी को अगले लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने के कयास हवा में तैरना शुरू हो गए हैं।
लिहाजा, कांग्रेस ने खुद इसे हवा न देते हुए सिर्फ यही कहा है कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी अगला चुनाव लड़ेगी। जबकि 2014 तक मनमोहन सिंह ही यूपीए सरकार के प्रधानमंत्री रहेंगे।
दरअसल, राहुल को बड़ी जिम्मेदारी देने के बाद अब कांग्रेस की तस्वीर बदलने की भूमिका तैयार हो र्गई है। कांग्रेस चुनावी मोड में बदल गई है। संगठन की बागडोर अब कांग्रेस के चुनावी वार रूम से चलने की बात कही जा रही है। सरकार और कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व भी राहुल की वाहवाही करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है।
विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने राहुल को कांग्रेस का सचिन तेंदुलकर बताया तो दूसरे मंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि राहुल गांधी आगे बढ़कर भूमिका संभाल रहे हैं। इससे सरकार और पार्टी में बेहतर संवाद बनेगा। राहुल के साथ ज्यादातर नेताओं और मंत्रियों के खड़ा होने के चलते यह कयास लगाए जाने लगे हैं कि कांग्रेस अब उनको अगले चुनाव के लिए जल्द ही प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार भी घोषित कर देगी।
मगर पार्टी हाईकमान अभी इस मसले पर कोई जल्दबाजी करने के मूड में नहीं लग रहा है। राहुल को चुनाव समन्वय समिति की कमान सौंपने के एक दिन बाद ही शुक्रवार को पार्टी ने मंच से ही राहुल की पीएम पद की उम्मीदवारी की बात को फिलहाल दबाने की कोशिश की है। जबकि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व पर जोर दिया है। कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा है कि राहुल अभी प्रधानमंत्री के उम्मीदवार नहीं हैं। उम्मीदवार की तलाश जारी है।
एआईसीसी का पुनर्गठन जल्द : दिग्विजय
कांग्रेस संगठन में जल्द ही फेरबदल हो सकता है। कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने शुक्रवार को कहा कि अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) का जल्द ही पुनर्गठन किया जाएगा। जब उनसे पूछा गया कि क्या राहुल गांधी को कांग्रेस पार्टी में नंबर दो पर नियुक्ति किया जाएगा तो उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं की इच्छा तो यही है। दिग्विजय ने एक चैनल से बातचीत में यह बात कही।