छत्तीसगढ़ में राजनंदगांव जिले के डोंगरगढ़ में आयोजित शुक्रवार की रैली में राहुल गांधी कृषि राज्य मंत्री चरणदास महंत की मुख्यमंत्री के रूप में ताजपोशी का संकेत दे सकते हैं।
आलाकमान पहले ही महंत को कार्यकारी अध्यक्ष बनाने के साथ, पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी को विधानसभा चुनाव का टिकट न देकर इस आशय का संकेत दे चुका है।
माना जा रहा है कि इसी रैली में राहुल जोगी को केंद्र में बड़ी जिम्मेदारी सौंपने संबंधी संकेत भी दे सकते हैं। गौरतलब है कि कुछ महीने पूर्व जीरम घाटी में नक्सली हमले में पार्टी के अध्यक्ष नंदकुमार पटेल सहित कई दिग्गजों के मारे जाने के बाद आलाकमान ने राज्य के संगठन की बागडोर महंत को सौंप दी थी।
हालांकि विधानसभा चुनाव से पूर्व राज्य में महंत और जोगी गुट के बीच टिकट बंटवारे के मामले में घमासान मचा रहा। इस दौरान जोगी बगावती तेवर अपनाते हुए मुख्यमंत्री पद पर अपनी दावेदारी जताते रहे थे।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि राज्य संगठन और चुनाव पर पैनी नजर रख रहे राहुल ने विधानसभा चुनाव में जोगी को टिकट न देकर उनकी मुख्यमंत्री पद की दावेदारी को किनारे कर दिया।
हालांकि संगठन में गुटबाजी न हो, इसके लिए जोगी की पत्नी और पुत्र दोनों को टिकट दिया गया। जोगी की पत्नी जहां पहले से विधायक हैं, वहीं उनके पुत्र को जोगी की सीट मरवाही से ही उम्मीदवार बनाया गया है।
चुनावी रणभेरी बजने के बाद राहुल पहली बार छत्तीसगढ़ में रैली को संबोधित करने जा रहे हैं। जहां तक गुटबाजी रोकने का सवाल है तो बीते बुधवार को राहुल ने जम्मू में ऐसे नेताओं की डंडे से पिटाई की इच्छा जताते हुए यह भी कहा था कि जिस तरह से उन्होंने छत्तीसगढ़ में गुटबाजी पर लगाम लगाई, ठीक वैसा ही जम्मू-कश्मीर में भी करेंगे।