आखिरकार कांग्रेस ने राहुल गांधी को बड़ी जिम्मेदारी सौंपे जाने पर चल रहे लुका-छिपी के खेल पर विराम लगा दिया है। कांग्रेस ने खुलकर स्वीकार कर लिया है कि 2014 के लोकसभा चुनाव की बागडोर किसी और के नहीं बल्कि राहुल गांधी के हाथों में होगी। कांग्रेस प्रवक्ता पीसी चाको ने सोमवार को सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल की बात पर मुहर लगाते हुए इस बात की आधिकारिक घोषणा कर दी। इसके साथ ही निगाहें अब उनकी सोनिया गांधी के बाद नंबर दो की गद्दी पर आधिकारिक ताजपोशी की ओर लग गई हैं।
हालांकि अहमद पटेल ने शनिवार को यह कहा था कि राहुल 2014 चुनाव की कमान संभालेंगे। मगर पार्टी की ओर से अब तक इस बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया था। आज पार्टी ने पहली बार आधिकारिक तौर पर अहमद पटेल के बयान का समर्थन देते हुए राहुल को बड़ी जिम्मेदारी दिए जाने का ऐलान कर दिया।
हालांकि बीते माह मुख्यमंत्रियों की हुई संवाद बैठक के बाद चुनावी तैयारियों के लिए बनाई गई कोर टीम की कमान राहुल गांधी को सौंपे जाने के बाद ही लगने लगा था कि लोकसभा चुनाव भी उन्हीं की अगुवाई में होंगे। लेकिन इस पर पार्टी के नेता खुलकर बात करने से बच रहे थे। गुजरात चुनाव से ठीक पहले पार्टी ने इस बात की घोषणा कर एक तीर से दो शिकार खेलने की कोशिश की है। पार्टी थिंक टैंक को लगता है कि गुजरात चुनाव में पार्टी की इस घोषणा से कुछ फायदा उठाया जा सकता है।
राहुल को यह जिम्मेदारी महज शुरुआत मानी जा रही है। 18 से 20 जनवरी को जयपुर में होने वाले चिंतन शिविर के बाद न सिर्फ उनकी संगठन में बड़ी भूमिका की इबारत लिखी जा सकती है बल्कि उन्हें सोनिया गांधी के बाद नंबर दो के नेता का आधिकारिक रूप से दर्जा भी प्रदान किया जा सकता है।