प्रमोशन में कोटा संबंधी विधेयक पर बृहस्पतिवार को बसपा सुप्रीमो मायावती और सरकार के बीच वाकयुद्ध शुरू हो गया। मायावती अनुसूचित जाति और जनजाति के हित से जुड़े इस विधेयक के संसद के शीतकालीन सत्र में पारित नहीं होने से खफा हैं।
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि सरकार ने इस विधेयक को पारित कराने के पर्याप्त प्रयास ही नहीं किए। साथ ही मायावती ने कहा कि उन्हें पहले से ही इस मामले में सरकार की गंभीरता पर संदेह था।
उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इस मुद्दे पर विशेष सत्र बुलाने के लिए प्रधानमंत्री को पत्र लिखेगी। बसपा सरकार को एक-दो और मौके देगी और इस मुद्दे को बजट सत्र में फिर से उठाएगी।
उधर, संसदीय कार्य मंत्री कमलनाथ ने कहा है कि यह बसपा अथवा मायावती जी का विधेयक नहीं है। यह कांग्रेस का विधेयक है। गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने भी मायावती के उस आरोप को गलत ठहराया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि कांग्रेस ने गंभीरता से प्रयास नहीं किए।