दिल्ली को दहलाने की आतंकी साजिश में हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी सैयद लियाकत शाह की गिरफ्तारी को लेकर सवाल उठने लगे हैं। मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक वह कश्मीर पुलिस के सामने सरेंडर के लिए जा रहा था।
सैयद लियाकत शाह उर्फ लियाकत बुखारी जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा का रहने वाला है। सेना और अन्य अधिकारियों को अली के समर्पण की जानकारी थी। जम्मू-कश्मीर में रहने वाले लियाकत के परिजनों को भी आश्वस्त किया गया था कि उसे गिरफ्तार नहीं किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि पुलिस ने हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी सैयद लियाकत शाह को यूपी के गोरखपुर से गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर दिल्ली के जामा मसजिद इलाके में स्थित एक गेस्ट हाउस से तबाही का सामान बरामद किया, जिसमें विस्फोटक, ग्रेनेड और एक एके-56 राइफल शामिल था। लियाकत कराची से नेपाल पहुंचा था।
जनवरी में रची थी साजिश
लियाकत ने खुलासा किया है कि मुताहिदा जिहाद काउंसिल (एमजेसी) की जनवरी में बैठक हुई थी। इसमें 26 जनवरी को ब्लैक डे घोषित किया गया था।
बैठक के बाद हिजबुल के स्वयंभू कमांडरों गाजी नसीरुद्दीन और फारूक कुरैशी ने लियाकत को निर्देश दिए थे कि दिल्ली के लिए लड़ाके तैयार हो चुके हैं और वह दिल्ली पहुंचकर आतंकी हमले की साजिश को अंजाम दे।
गेस्ट हाउस से यह मिला सामान
220 ग्राम विस्फोटक, तीन हैंडग्रेनेड, एक एके-56 राइफल, दो मैगजीन (60 कारतूस), मेमोरी कार्ड, मैप, ड्राई फ्रूट, पानी की बोतल और माइक्रो एसटीडी कार्ड आदि।
पाकिस्तानी सिम भी मिले
लियाकत शाह 20 मार्च को जैसे ही सोनौली बॉर्डर से भारत में घुसा आईबी की सूचना पर उसे सीमा सुरक्षा बल (एसएसबी) ने हिरासत में ले लिया। लियाकत के साथ तीन पुरुष, दो महिलाएं और छह बच्चे भी थे। तलाशी में उनसे पाकिस्तानी सिमकार्ड भी बरामद हुए।
पूछताछ में लियाकत ने बताया कि वह 1997 में पीओके गया था। वहां उसे आतंक की ट्रेनिंग ली। वह कराची से पाकिस्तानी पासपोर्ट पर नेपाल पहुंचा। यह पासपोर्ट उसने नष्ट कर दिया। लियाकत 2011 के एक मामले में कश्मीर में भी वांछित है।