फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीएम अखिलेश को गुस्सा क्यों आता है?

Sat, 11 Jan 2014 12:21 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश में मुजफ्फरनगर दंगों के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सपा सरकार पर लगातार उंगलियां उठ रहीं हैं। इसी सप्ताह एक तरफ जहां सपा सरकार पर सैफई महोत्सव के समापन समारोह में करोड़ों फूंकने के आरोप लगे तो दूसरी तरफ मंत्रियों के विदेशी दौरे को लेकर भी बवाल हुआ।
विज्ञापन


मुजफ्फरनगर दंगों को भड़कने से रोकने में नाकाम रहने के बाद से अब तक ऐसे कई मामले सामने आए हैं जिनकी वजह से अखिलेश सरकार विवादों में घिरती रही है। इन घटनाओं से यूपी की जनता के प्रति सपा सरकार का असंवेदनशील व्यवहार भी उजागर होता है।

आईए, जानते हैं दंगे के बाद सपा सरकार किन-किन घटनाओं पर कब-कब विवादों में घिरी। आगे स्लाइड्स पर क्लिक कर पढ़ें।

मुजफ्फरनगर दंगा रोकने में नाकाम

मुजफ्फरनगर के जानसठ थाना क्षेत्र के कवाल गांव में 27 अगस्त को मलिकपुरा निवासी सचिन और गौरव की हत्या कर दी गई। इस कारण तनाव के बाद सात सितंबर को मुजफ्फरनगर में हिंसा भड़क गई और उस इलाके में फैलती चली गई।

मुजफ्फरनगर दंगा में लगभग 62 लोगों की मौत हुई और 50,000 से ज्यादा लोग बेघर हो गए। इस दंगे को भड़कने से रोकने में नाकाम रहने की वजह से सपा सरकार आलोचना की शिकार हुई। मुजफ्फरनगर दंगा भड़काने के आरोप में सपा के एक मंत्री बुरी तरह घिर गए।

दंगों के बाद बेघर हुए हजारों लोग मुजफ्फरनगर, शामली सहित अन्य जगहों पर बने राहत शिविरों में रहने को मजबूर हुए।

दंगा राहत शिविरों में ठंड से मौतें

मुजफ्फरनगर दंगा पीड़ितों को राहत शिविरों में मुसीबतों का सामना करना पड़ा। सपा सरकार पर यह आरोप लगा कि रोजी-रोटी के संकट के साथ शिविरों में सुविधाओं का घोर अभाव झेल रहे पीड़ितों पर उसने कोई ध्यान नहीं दिया।

कड़ाके की ठंड की वजह से राहत शिविरों में 40 से ज्यादा बच्चों की मौत होने की खबर आई। सर्वोच्च अदालत में उत्तर प्रदेश सरकार ने राहत कैंपों में हुई मौतों पर चिकित्सक दल की लापरवाही को स्वीकार किया। लेकिन 40 से भी ज्यादा बच्चों की मौत के आंकड़े को नहीं स्वीकारा।

सुप्रीम कोर्ट ने प्रभावित क्षेत्र में लगाए गए राहत कैंपों में ठंड की वजह से बच्चों की मौत पर गहरी चिंता जताते हुए तत्काल प्रभाव से राहत और उपचार के लिए कदम उठाने का निर्देश दिया। इससे पहले मुजफ्फरनगर दंगे को लेकर भी सुप्रीम कोर्ट ने सपा सरकार से जवाब-तलब किया था।

मुलायम और गृह सचिव ने दिए विवादास्पद बयान

एक ओर मुजफ्फरनगर के राहत शिविरों में बच्चे और बूढ़े ठंड से मरते रहे, वहीं दूसरी ओर सपा सुप्रीमो और आला अधिकारी अपने ऊटपटांग बयानों से उनके जख्मों पर नमक छिड़कते रहे।

मुलायम सिंह यादव ने कहा कि मुजफ्फरनगर के राहत शिविरों में षडयंत्रकारी रह रहे हैं। यह षडयंत्रकारी कोई और नहीं बल्कि कांग्रेस और भाजपा के लोग हैं। इनसे कहा जा रहा है कि ये अपने घरों को न जाएं। कांग्रेस व भाजपा वाले दंगा पीड़ितों को भड़का रहे हैं। कह रहे हैं कि धरना देते रहो। इसका मकसद चुनावी फायदा लेना है। मुलायम के इस बयान की वजह से उनसे मुस्लिम नेता नाराज हो गए।

वहीं राहत शिविरों में ठंड से हुई बच्चों की मौत को नकारते हुए यूपी के प्रमुख सचिव गृह अनिल कुमार गुप्ता ने कहा ठंड तो साइबेरिया में पड़ती है, तो क्या वहां लोग ठंड से मर जाते हैं?

एक तरफ मुजफ्फरनगर, दूसरी तरफ सैफई

एक तरफ जहां राहत शिविरों में मुजफ्फरनगर दंगा पीड़ित कड़ाके की ठंड झेल रहे हैं वहीं दूसरी ओर सपा सरकार पर सैफई महोत्सव में मौज-मस्ती पर करोड़ों खर्च करने के आरोप लगे।

उधर राहत शिविरों में खराब हालत में रह रहे लोगों को उजाड़कर घर भेजने के लिए सरकार ने बुलडोजर भेजे तो इधर सैफई में मुलायम-अखिलेश सहित सपा के कई बड़े नेता सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद उठाने में मशगूल दिखे। आरोप है कि महोत्सव के समापन समारोह में करोड़ों खर्च कर बॉलीवुड सितारों का डांस प्रोग्राम हुआ।

केंद्रीय इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा ने आलोचना करते हुए कहा कि मुजफ्फरनगर में ठंड से बच्चे मर रहे हैं और संवेदनहीन प्रदेश सरकार सैफई में मौज-मस्ती कर रही है। इससे गंदा काम कोई और नहीं हो सकता है। करोड़ों रुपये सरकारी खजाने से इस मौज-मस्ती में लुटा दिए गए।
विज्ञापन

विदेश की सैर पर सपा सरकार के 8 मंत्री

आठ मंत्रियों के विदेश दौरे पर प्रदेश सरकार घिर गई है। मुजफ्फरनगर के दंगा पीड़ितों की बदहाली और ठंड से मौतों के बीच मंत्रियों समेत 17 सदस्यों के स्टडी टूर पर कई सवाल उठ खड़े हुए हैं।

विपक्षी दलों ने सरकार को संवेदनहीन करार दिया है। उन्होंने कहा कि जनता बेहाल है और मंत्रियों को टूर के नाम पर मौजमस्ती की सूझ रही है। बेवक्त का यह विदेश दौरा सरकारी धन का दुरुपयोग है।

नगर विकास मंत्री आजम खां की अगुवाई में मंत्रियों-विधायकों का डेलीगेशन बुधवार सवेरे दिल्ली से रवाना होकर इस्तांबुल (तुर्की) पहुंच गया। यह दल नीदरलैंड, ब्रिटेन, ग्रीस और संयुक्त अरब अमीरात भी जाएगा। यह टूर ऐसे समय में हो रहा है जब मुजफ्फरनगर में दंगा पीड़ितों के कैंप हटा दिए गए।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें