छत्तीसगढ़ में नक्सली हमले के चार दिन बाद भी गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे की देश से अनुपस्थिति आलोचना के घेरे में आ गई है। भाजपा ने गृह मंत्री की अनुपस्थिति को आड़े हाथों लिया है। कांग्रेस ने भी शिंदे के अमेरिका में रहने की निंदा की है।
भाजपा प्रवक्ता मीनाक्षी लेखी ने मंगलवार को कहा कि देश में गड़बड़ी का माहौल है और हमारे गृहमंत्री अमेरिका में बैठे हुए हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका के गृह मंत्रालय के साथ बैठक करने गए शिंदे का साथी प्रतिनिधिमंडल स्वदेश वापस आ गया है लेकिन शिंदे ने अपनी यात्रा को निजी करते हुए उसमें चार दिनों की और बढ़ोतरी कर दी है।
शिंदे द्वारा अमेरिका से देश की स्थिति पर नजर रखे जाने की सफाई को लेखी ने पूरी तरह खारिज कर दिया।
हमले को देश की विपदा बताते हुए उन्होंने कहा कि आप चांद में बैठे हों और यह कहें कि हम सब चीजों पर नजर रख रहे हैं पूरी तरह से एक गैर जिम्मेदारना बयान है।
हमले के बाद गृहमंत्री का देश में रहना जरूरी है। और वह इसकी बजाय वह वहीं से स्थिति पर नजर रखने का हवाला दे रहे हैं। देश में स्थिति हर पल बदल रही है। ऐसे में कांग्रेस को और सचेत रहने की आवश्यकता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नक्सली हमले को गंभीरता से नहीं ले रही है।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी को छत्तीसगढ़ भेजने पर लेखी ने कहा कि यह एक बेकार की कवायद है। छत्तीसगढ़ को जिस तरह की मदद की जरूरत है वह उसे केंद्र से नहीं मिल पा रही है।
कांग्रेस ने की निंदा
छत्तीसगढ़ में हमले के बाद भी केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे के अमेरिका में रहने की कांग्रेस पार्टी ने भी निंदा की है। पार्टी प्रवक्ता भक्त चरणदास ने मंगलवार को कहा कि ऐसी स्थिति में किसी भी टूर को महत्वपूर्ण नहीं कहा जा सकता।
उनसे जब पूछा गया कि हमले के बीच गृहमंत्री का देश से बाहर रहना क्या उचित है। दास ने हालांकि यह भी कहा कि शिंदे की गैर मौजूदगी को एक राजनीतिक मसला नहीं बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि शिंदे की अनुपस्थिति के बीच प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी स्वयं छत्तीसगढ़ का दौरा कर आए हैं।