झांसी की रानी का वंशज होने का दावा करने वाले एक व्यक्ति ने बांबे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
इस व्यक्ति ने मंगलवार को अदालत में दाखिल अपनी याचिका में पुणे स्थित बाल गंधर्व थिएटर के पास लगी रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा पर लिखे उनके नाम के साथ कुलनाम (सरनेम) अंकित करने का निर्देश स्थानीय अधिकारियों को देने की मांग की है।
इस याचिका को विवेक तांबे नाम के व्यक्ति ने दाखिल किया है। विवेक का दावा है कि वह झांसी की महारानी के चचेरे भाई अनंत तांबे का पांचवीं पीढ़ी का वंशज है।
याचिकाकर्ता विवेक कानून का छात्र है और ठाणे के नजदीक वसाई का रहने वाला है। झांसी की महारानी की पुणे स्थित इस प्रतिमा पर ‘महारानी लक्ष्मीबाई साहेब झांसी वाली’ लिखा है।
विवेक ने अपनी याचिका में कहा है कि झांसी की रानी का कुलनाम ‘नेवालकर’ था जिसे उसमें शामिल नहीं किया गया है, इसे वहां लिखा जाना चाहिए।
विवेक ने अदालत में पेश होकर कहा कि उसने पुणे की नगरपालिका का ध्यान इस ओर खींचने के लिए उन्हें कई पत्र लिखे, पर उन्होंने इस पर कोई कदम नहीं उठाया।
विवेक ने यह भी कहा कि उन्होंने इस संबंध में पुणे नगरपालिका में आरटीआई देकर पूछा कि प्रतिमा पर महारानी झांसी का नाम ‘झांसी वाली’ शब्द के साथ क्यों खत्म किया गया, जबकि उनका कुलनाम ‘नेवालकर’ है।
इस आरटीआई पर उन्हें कोई जवाब नहीं दिया गया। यह याचिका सुनवाई के लिए बांबे हाईकोर्ट के जज वी एम कनाडे़ और जस्टिस के आर श्रीराम की पीठ के समक्ष पेश की गई।
दोनों जजों की पीठ ने कहा कि यह याचिका पीआईएल की तरह है और इसकी सुनवाई उपयुक्त बेंच में होनी चाहिए।