भारत-रूस द्विपक्षीय वार्षिक शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन रविवार देर रात दिल्ली पहुंच गए। पुतिन की लगभग 15 घंटे के भारत दौरे में प्राथमिकता रक्षा सौदों पर होगी। इसके अलावा व्यापार एवं निवेश, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पर समझौते होने के आसार हैं।
पुतिन सोमवार को दिन में साढ़े ग्यारह बजे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ प्रतिनिधि स्तर की वार्ता में हिस्सा लेंगे। इसके बाद दोनों पक्ष समझौतों पर हस्ताक्षर करेंगे। इसके बाद पुतिन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निमंत्रण पर राष्ट्रपति भवन जाएंगे। वहां यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज भी रहेंगी।
द्विपक्षीय वार्षिक शिखर सम्मेलन में चार अरब डॉलर के ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल से युक्त 30 अतिरिक्त सुखोई 30 एमकेआई लड़ाकू विमान खरीदने समेत सात अरब डॉलर के रक्षा सौदे होने की उम्मीद है।
सूत्रों के अनुसार रूसी दूरसंचार कंपनी सिस्तेमा श्याम के 3.1 अरब डॉलर के निवेश को बचा पाने में भारत की नाकामी से रूस खासा नाराज है। इसके अलावा दोनों देशों के मध्य कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र की तीसरी एवं चौथी इकाइयों पर परमाणु दायित्व के मुद्दे पर गम्भीर मतभेद हैं। इन दोनों मुद्दों पर भी सम्मेलन में चर्चा होने की उम्मीद है।