फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब तक 56 नहीं, इसने फर्जी मुठभेड़ में मारे पूरे 80

Sat, 06 Jul 2013 10:54 AM IST
वचन
विज्ञापन
विज्ञापन
गुजरात में इशरत जहां फर्जी मुठभेड़ का मामला गर्मा रहा है, जो इशारा करता है कि सियासत और पुलिसिया गलियारों में लोगों का 'ठिकाने' लगाने के लिए कैसा व्यूह रचा जा सकता है।
विज्ञापन


इस बीच पंजाब के एक पुलिस अधिकारी ने ऐसा खुलासा किया है कि जिसे सुनकर आप दंग रह जाएंगे। 80 से ज्यादा लोगों को फर्जी मुठभेड़ में मार गिराने का दावा करने वाले सब-इंस्पेक्टर सुरजीत सिंह ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।

उसने उन वरिष्ठ अधिकारियों से सुरक्षा मांगी है, जो उसे 'ईमानदार स्वीकारोक्ति' करने से रोकना चाहते हैं।

1989 में कॉन्सटेबल नियुक्त हुए सिंह का दावा है कि उन्होंने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी पी एस गिल के निर्देशों पर 80 से ज्यादा लोगों को फर्जी मुठभेड़ में मारा है। गिल उस समय पंजाब के सरहदी इलाकों में डिस्ट्रिक्ट पुलिस प्रमुख थे।
विज्ञापन


इस मामले पर 8 जुलाई को विचार हो सकता है। सिंह का करना है कि ऐसा करने के कारण उन्हें जल्दी-जल्दी प्रमोशन मिले। लेकिन 24 साल के बाद भी वह सरकारी रिकॉर्ड में कॉन्सटेबल हैं।

आतंकवाद के दौर में उन्हें पंजाब के कई जिलों में संवेदनशील पुलिस थाने में एसएचओ का पदभार सौंपा गया। सिंह ने 16 फर्जी मुठभेड़ों की सूची सौंपी है, जिनमें कम से कम तीन दर्जन लोग मारे गए। इनमें से कुछ की शिनाख्त तक नहीं हुई है।
विज्ञापन


सिंह का दावा है कि इन मुठभेड़ों से उन्हें कई बार मानसिक परेशानी ने घेरा। यहां तक कि उन्होंने कई बार खुदकुशी करने के बारे में भी सोचा था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें