क्षेत्र के समाथल गांव निवासी कृषि पंडित रघुपत सिंह ने गमले में सब्जी उगाने और सब्जी के बीज शोध करने पर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने स्वर्ण पदक प्रदान किया। यह पुरस्कार मिलने पर समाथल गांव में एक समारोह में रघुपत सिंह का सम्मान किया गया।
साधारण कृषक परिवार में जन्मे 72 वर्षीय रघुपत सिंह 1984 से अपनी चार एकड़ पैतृक कृषि भूमि में सब्जी और फसल उगाने के दौरान तरह तरह के प्रयोग करते रहे हैं।
लौकी, तोरई, करेला, भिंडी आदि सब्जियों के नए बीज तैयार करने और नई तकनीक से सब्जियां उगाने पर वर्ष 1993 में कृषि विभाग द्वारा रघुपत सिंह को कृषि पंडित की उपाधि दी गई।
बीती 30 जनवरी को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अधीन भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान शहंशाहपुर जनपद वाराणसी द्वारा राष्ट्रीय किसान मेला आयोजित किया गया।
इसमें सब्जी के बीच शोधन करने में रिकार्ड बनाने और गमले में सब्जी की खेती उगाने की विशेष उपलब्धि पर बिलारी के रघुपत सिंह को प्रदेश स्तर का स्वर्ण पदक मिला, जबकि सोनभद्र की महिला किसान रजनी देवी को रजत पदक और देवरिया के अनुज कुमार को कांस्य पदक मिला।