कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने दिल्ली गैंगरेप जैसी घटना का हवाला देते हुए रविवार को जयपुर चिंतन शिविर के अंतिम दिन कहा कि अब जनता सरकार से जवाब और कार्रवाई चाहती है। जनता की भावनाओं को देखते हुए चिंतन में महिला सुरक्षा को अहमियत दी गई।
उन्होंने कहा कि सरकार कड़े कानूनी कदमों और विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए महिला संरक्षण की जिम्मेदारी निभाएगी। साथ ही सोनिया ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को अगले लोकसभा चुनाव में संभल कर चलने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि चुनावों में खर्च करने के तरीकों पर विचार करने जरूरत बताई।
सही तरीके से चलने पर मिलेगा जनादेश
सोनिया गांधी ने कांग्रेस के पांच बिंदु वाले एक्शन प्लान की घोषणा करते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव में केवल 15 महीने रह गए हैं। ऐसे में सही तरीके से और एकता के साथ चलने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। सबसे बड़ी चुनौती खुद को एकजुट रखकर अनुशासित रूप से लोगों के सामने अपनी भावनाएं रखने की है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता नेताओं से एकता और अनुशासन की अपेक्षा करते हैं। सोनिया ने पार्टी के नेताओं से कहा कि वे अपने चहेतों के बजाय कार्यकर्ताओं को फायदा दें।
लोगों का राजनीतिक प्रक्रिया से मोह भंग
सोनिया ने कहा कि यह स्वीकार करना होगा कि लोगों का राजनीतिक प्रक्रिया से मोहभंग हो रहा है। इसके कारणों को तलाश कर संवेदनशीलता के साथ दूर करना होगा। लोगों का भरोसा वापस पाने के लिए चुनाव सुधार और खासतौर पर राजनीतिक फंडिंग पर विचार करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि वे पार्टी में ऐसे समूह का गठन कर रही हैं, जो सुधार के सभी प्रस्तावों पर विचार करेगा।
गैर कांग्रेसी सरकारों का करें पर्दाफाश
कांग्रेस अध्यक्ष ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से कहा कि वे उन गैर कांग्रेसी सरकारों का पर्दाफाश करें, जिन्होंने कांग्रेस सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं को अपना बताकर लोगों को भ्रमित किया है और श्रेय लेने की कोशिश की है। उन्होंने प्रधानमंत्री की तारीफ करते हुए कहा कि पूरा विश्व वित्तीय संकट से जूझ रहा था, लेकिन उसका असर हमारे देश पर नहीं पड़ा।