केंद्र सरकार ने सामाजिक आर्थिक और जातिगत जनगणना-2011 की रिपोर्ट आज जारी कर दी है। पर उसमें जातिगत आंकड़े सार्वजनिक न करने पर सरकार की यह रिपोर्ट और उसकी नीयत पर सवाल उठने लगे हैं।
केंद्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली, केंद्रीय ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री चौधरी बिरेंद्र सिंह ने यह आंकड़े जारी किए हैं। सरकार की तरफ से जारी की गई रिपोर्ट का नाम 'प्रोविजनल डाटा ऑफ इकॉनामिक एंड कास्ट सेंशस 2011 फॉर रूरल इंडिया' है।
इस रिपोर्ट में देश भर में काम करने वाले लोग, उनकी आय और उनके घर के बारे में जानकारी दी गई है। पर सरकार ने यह नहीं बताया कि किस जाति और समुदाय से जुड़े लोगों की आय क्या है?
साथ ही सरकारी नौकरी में किस वर्ग के लोगों का कितना प्रतिनिधित्व है यह बात भी रिपोर्ट में नहीं बताई गई है। रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि देश भर में कुल 24.39 करोड़ परिवार है। इनमें से 17.91 करोड़ परिवार अभी भी गांवों में रहते हैं।