छेड़छाड़ से परेशान आत्महत्या करने वाली मधु और निकिता को न्याय दिलाने के लिए छात्र और महिला संगठन सड़क पर उतर आए। शुक्रवार को प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी कर सो रहे पुलिस प्रशासन और सरकार को जगाया।
गुस्साई भीड़ को लघु सचिवालय के अंदर आने से रोकना चाहा तो प्रदर्शनकारी गेट फांदकर अंदर पहुंच गए और पुलिस अधिकारियों को खरी-खोटी सुनाई। आला अधिकारी छात्राओं के किसी भी सवाल का जवाब नहीं दे सके।
पुलिस अधिकारी ने कहा कि लोगों को भी बेटियों को समझाना होगा। कोई छेड़छाड़ करे तो बेटियां तुरंत विरोध करें। इस पर जनवादी महिला समिति की राष्ट्रीय महासचिव जगमति सांगवान ने कहा कि ‘हामनै ए बालक ल्याणे अर ले ज्याणे सैं तो फेर आईजी ताईं 10 किल्यां की कोठी क्यूं दे राखी सै।’
डीएसपी करण गोयल व अनिल कुमार ने मांगपत्र लिया और सभी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया। इससे पहले जनवादी महिला समिति, एसएफआई व सीटू के कार्यकर्ता शुक्रवार सुबह बस स्टैंड के सामने सिटी पार्क में जुटे।
पार्क से प्रेमनगर होते हुए सैकड़ों प्रदर्शनकारी लघु सचिवालय पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने गेट बंद कर दिया तो भीड़ धक्के मारने लगी और पुलिसकर्मी गेट पकड़े रहे। कुछ प्रदर्शनकारी गेट पर चढ़कर अंदर कूद गए और गेट को पकड़कर खोल दिया। इस पर सभी कार्यकर्ता अंदर पहुंच गए।
सर, आपकी पुलिस उल्टा हम से ही सवाल पूछती है...
डीएसपी ने कार्यकर्ताओं से कहा कि लड़कियां किसी भी घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दें। एक छात्रा ने कहा कि पुलिस को शिकायत करने में डर लगता है।
दो दिन पहले कैंडल मार्च निकालने के बाद वह अपनी सहेली के साथ वापस यूनिवर्सिटी आ रही थी। गेट नंबर 2 के बाहर बाइक सवार दो युवकों ने उनका रास्ता रोका और छींटाकशी की।
छात्राओं ने वहां खड़ी पीसीआर को शिकायत दी। लेकिन पुलिसकर्मियों ने छात्राओं से ही पूछना शुरू कर दिया कि वे इस समय कहां से आई हैं? यूनिवर्सिटी से बाहर क्या करने गई थीं? छात्राओं ने बताया कि बाइक सवार दोनों युवक पुलिस के पास से ही गुजर गए, और हम देखती रह गईं।
काले शीशे लगा घूमते हैं आवारा
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि शहर में गश्त बढ़ाई गई है तो दो छात्राओं ने खड़े होकर कहा कि यूनिवर्सिटी में पूरा दिन आवारा लड़के काले शीशे लगी गाड़ियों में घूमते रहते हैं। लड़कियों के साथ बदतमीजी करते हैं, न पुलिस कार्रवाई करती है न यूनिवर्सिटी प्रबंधन।
डीएसपी ने दिया आश्वासन
डीएसपी करण गोयल ने प्रदर्शनकारियों और उनके प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि मामले में बिल्कुल पारदर्शिता बरती जाएगी। लोकेश के अलावा तीन आरोपियों को और गिरफ्तार किया गया है। इनमें सेंटर संचालक भी शामिल है।
बाकी जांच में जिन युवकों के नाम सामने आएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। महिला सुरक्षा को लेकर कई कड़े कदम उठाए गए हैं, अगले एक-दो दिन में असर भी दिखेगा। प्रतिनिधिमंडल में जगमती सांगवान, अंजू, मधु के पिता सुभाष और विनोद व अन्य शामिल रहे।