सार्वजनिक क्षेत्र के बैंककर्मियों और भारतीय बैंक संघ (आईबीए) के बीच आखिरकार समझौता हो गया और 25 फरवरी से प्रस्तावित अखिल भारतीय बैंक हड़ताल को वापस ले लिया गया। अब बैंककर्मियों को 15 फीसदी की वेतन बढ़ोतरी 1 नवंबर 2012 से तो मिलेगी ही, महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी भी रहेगी।
इसके बदले महीने के पहले एवं तीसरे शनिवार को पूरे दिन काम करना होगा। वेतन बढोत्तरी के समझौते की वजह से देश के सरकारी क्षेत्र के बैंकों पर सालाना 4725 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा। आल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (एआईबीओए) के प्रमुख एसएस सिसोदिया ने बताया कि आईबीए बैंककर्मियों के वेतन में 15 फीसदी की बढ़ोतरी पर सहमत हो गया है।
इसके अलावा हर महीने के दूसरे एवं चौथे शनिवार को बैंक में छुट्टी रहेगी। अभी तक सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक हर शनिवार को खुलते हैं लेकिन बैंकों में आधे दिन ही काम होता है। उन्होंने बताया कि वेतन के नए सिरे से गणना से पहले अभी के महंगाई भत्ते (डीए) को वेतनमान में समाहित किया जाएगा।
यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियन (यूएफबीयू) के अध्यक्ष केके नायर और बैंक और बड़ौदा के निदेशक प्रेम मक्कड़ ने बताया कि इससे बैंककर्मी बेहद खुश और संतुष्ट हैं और सरकार, विशेष कर वित्त मंत्री के शुक्रगुजार हैं।