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शीना केस में मुंबई पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी

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बहुचर्चित शीना बोरा हत्याकांड में मुंबई पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। अब पुलिस को शीना की हत्या का वैज्ञानिक सबूत मिल गया है। रायगढ़ जिले के पेण स्थित जंगल से बरामद की गई शीना की हड्डियों का डीएनए सैंपल उसकी मां इंद्राणी मुखर्जी और भाई मिखाइल बोरा से मैच कर गया है।
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डीएनए रिपोर्ट पॉजिटिव आने से यह साबित हो गया है कि पेण के गगोर्डे खुर्द गांव के जंगल में दफनाया गया शव शीना का ही था।

उधर, इस मामले में गिरफ्तारी और हिरासत में पूछताछ के एक पखवाड़े बाद मुख्य आरोपी इंद्राणी मुखर्जी और उसके ड्राइवर श्याम राय को सोमवार को एक स्थानीय अदालत ने 21 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

दोनों आरोपियों को बाइकुला की आर्थर रोड जेल ले जाया गया है। वहीं, इस हत्याकांड के एक अन्य आरोपी और इंद्राणी के पूर्व पति संजीव खन्ना को अदालत में पेश करने के लिए कोलकाता ले जाया गया है। उसे मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। तीनों आरोपियों की अनिवार्य पुलिस कस्टडी की अवधि सोमवार को खत्म हो रही थी।
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हत्याकांड में अब तक क्या हुआ

अब तक इस हत्याकांड की प्रमुख आरोपी स्टार इंडिया के पूर्व मुखिया पीटर मुखर्जी की पत्नी इंद्राणी मुखर्जी बार-बार बयान बदलकर पुलिस को गुमराह कर रही थी। उसका लगातार यही कहना था कि शीना की हत्या नहीं हुई है। वह अमेरिका में है।

वहीं मुंबई पुलिस शुरू से यह मानकर चल रही थी रायगढ़ के जंगल से बरामद हड्डियां शीना बोरा की ही हैं। फोरेंसिक लैब में हड्डियों की डीएनए जांच के बाद तीन साल पहले शीना की हत्या किए जाने की पुष्टि हो गई है।

पुलिस ने पिछले सप्ताह रायगढ़ के जंगल में उस जगह खुदाई कराई थी, जहां शीना का शव दफनाया गया था। उसके बाद खुदाई में मिले कंकाल और हड्डियों को फोरेंसिक लैब में जांच के लिए भेजा गया था।

इससे पहले, पेण के जंगल में मिले कंकाल की खोपड़ी का डिजिटल फेशियल सुपरइंपोजीशन तकनीक से टेस्ट करवाया गया था जिससे यह साबित हुआ कि यह कंकाल शीना बोरा का ही है।

यह तकनीक पहली बार उत्तर प्रदेश के निठारी कांड में मिले कंकालों पर इस्तेमाल की गई थी। इसके बाद शीना की खोपड़ी को उसकी शक्ल देने के लिए इस्तेमाल की गई।

लोनावाला के टाइगर प्वाइंट में फेंका जाना था शीना का शव
24 अप्रैल 2012 को शीना की हत्या के बाद उसके शव को रायगढ़ में पेण के जंगल में नहीं बल्कि पुणे के करीब लोनावाला के टाइगर प्वाइंट में फेंकने की योजना बनी थी।

इंद्राणी मुखर्जी, संजीव खन्ना और ड्राइवर श्याम राय से पूछताछ में यह बात सामने आई है। हालांकि शव को ठिकाने लगाने का यह प्लान रद्द कर रायगढ़ के गगोर्डे खुर्द गांव के जंगल को क्यों चुना गया इसका खुलासा नहीं हो सका है।

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पूछताछ के बाद कोलकाता लौटा सिद्धार्थ दास

शीना बोरा हत्याकांड में मुंबई पुलिस की पूछताछ और डीएनए टेस्ट के लिए नमूना देने के बाद इंद्राणी मुखर्जी का पूर्व लिव-इन-पार्टनर सिद्धार्थ दास रविवार देर रात कोलकाता लौट आया।

उसने पुलिसिया पूछताछ का ब्योरा देने से इनकार करते हुए कहा कि फिलहाल मामले की जांच चल रही है, इसलिए इस बारे में कुछ नहीं बता सकता।

दास से मुंबई पुलिस ने दो सितंबर को कोलकाता में पूछताछ की थी। अगले ही दिन वह पुलिस के बुलावे पर मुंबई के खार थाने पहुंचा था। शीना हत्याकांड के खुलासे के बाद लगभग एक हफ्ते तक चुप्पी साधे रहने के बाद दास पहली सितंबर को पहली बार सामने आया था।

तब उसने दावा किया था कि शीना और मिखाइल उसकी ही संतान हैं। उसका दावा था कि इंद्राणी से कभी उसकी शादी नहीं हुई थी, लेकिन लिव-इन के दौरान दोनों बच्चों का जन्म हुआ था। दास ने कहा कि उसने मुंबई पुलिस की जांच में भरसक सहयोग किया है।

यही वजह है कि उसे कोलकाता लौटने की इजाजत मिली है। वर्ष 1998 में कोलकाता आने वाला दास फिलहाल महानगर के दमदम इलाके में अपनी पत्नी बबली और बेटे के साथ दो कमरों के एक फ्लैट में रहता है।

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