कहते हैं कुछ लोग सपने देखते हैं और कुछ लोग सपनों को हकीकत में ही बदल डालते हैं। और जब सपने हकीकत बनते हैं तो कई लोगों के लिए प्रेरणादायक भी हो जाते हैं। ऐसा ही कुछ कारनामा कर दिखाया है वाराणसी जेल के एक कैदी ने।
इस कैदी की उम्र 23 साल है। नाम है अजीत कुमार सरोज। तकरीबन ढाई साल पहले जमीन विवाद को लेकर गैर इरादतन हत्या के आरोप में दोषी करार दिया गया था। दस साल की सजा काट रहे अजीत ने वो कारनामा कर दिखाया है जो वाराणसी के 20 जिलों के 6000 छात्र नहीं कर पाए।
इस कैदी ने इग्नू के डिप्लोमा इन टूरिज्म में राष्ट्रीय स्तर पर टॉप किया है। अब बनारस हिंदू विश्वविद्यालय अजीत को गोल्ड मेडल से नवाज रहा है। कैदी अजीत ने वाराणसी के सेंट्रल जेल से ही पढ़ाई की और ये उपलब्धि अपने नाम कर ली।