कोयला घोटाले से जुड़ी फाइलों के गुम हो जाने के बाद हो रहे हंगामे को शांत करने के लिए मंगलवार को राज्यसभा में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बयान दिया।
अपने बयान में प्रधानमंत्री ने विपक्ष को शांत रहने की सलाह दी और गुम फाइलों के दोषियों पर उचित कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार के पास इस विषय पर छुपाने के लिए कुछ नहीं है और सरकार कागजात ढूंढने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
पीएम ने आश्वासन दिया कि कोयला आवंटन से जुड़े जो कागजात खो गए हैं उन्हें ढूंढा जाएगा और सुप्रीम कोर्ट के दिए निर्धारित समय में सीबीआई को सौंप दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अगर सरकार को दस्तावेज नहीं मिल पाते हैं तो सीबीआई से इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई जाएगी।
मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी की ओर से प्रधानमंत्री से इस मुद्दे पर जवाब देने की मांग की गई थी। साल 2006 से 2009 के बीच कोयला मंत्रालय का प्रभार प्रधानमंत्री के पास था।
इस मामले सरकार की नीयत पर संदेह जताया जा रहा है और फाइलों के ढूंढने में लापरवाही का आरोप भी लगाया जा रहा है।
इसका जवाब देते हुए पीएम ने कहा कि सदस्यों को जल्द ही किसी निर्णय पर नहीं पहुंचना चाहिए और किसी गड़बड़ी या लापरवाही का निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए। इससे पहले पिछली बार लोकसभा में बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा था कि फाइल की देखभाल करना मेरा काम नहीं है।
आज प्रधानमंत्री के बयान पर हुए हंगामे के बाद राज्यसभा स्थगित कर दी गई थी।