संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण के लिए धन्यवाद प्रस्ताव पर, प्रधानमंत्री करीब एक घंटे तक बोले। नरेंद्र मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति जी ने देश की समस्याओं पर जारी कार्यों पर उल्लेख किया है। उन्होंने मुद्दा नाम का नहीं समस्या का है और हम समस्याओं के समाधान खोज रहे हैं। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा सार्थक रही है। पीएम मोदी ने कहा कि स्वच्छता का संबंध नारी से भी है। सबकी भलाई भारत का मूल तत्व है। लोकतंत्र में चर्चा जरूरी है।
उन्होंने कहा कि यह देश हजारों साल की विरासत है। हम लोगों को स्वच्छता को स्वभाव बनाना होगा। कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि मनरेगा कांग्रेस की विफलताओं का स्मारक है। पर मनरेगा को कभी बंद नहीं किया जाएगा।
विकास को आगे बढ़ाने के लिए पीएम मोदी ने विकास योजनाओं में विपक्ष का भी सहयोग मांगा। मोदी ने कहा कि भ्रष्टाचार की चर्चा राजनीतिक दायरे में न हो। भ्रष्टाचार को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमारी सरकार का पूरा जोर नीति आधारित व्यवस्था पर है।
भ्रष्टाचार एक विकट समस्या है
प्रधानमंत्री ने कहा किभ्रष्टाचार एक विकट समस्या है। कालाधन पर सरकार ने ही एसआईटी बनाई है। कालाधन रोकने के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग पर जोर दिया जा रहा है। कालेधन पर हर कीमत पर वादा पूरा करेंगे। हमारे लिए राजनीति से ऊपर राष्ट्रनीति है। भ्रष्टाचार के अंत के लिए नीति आधारित व्यवस्थाएं होनी हों।
गांवों की बात करते हुए मोदी ने कहा कि सॉयल हेल्थ कार्ड से बीमार धरा की जांच की जा सकेगी। किसानों के हित लिए मृदा परीक्षण कार्ड की हुई शुरूआत। संसाधनों के अधिकतम उपयोग पर ध्यान होगा।
ये गरीबों को समर्पित सरकार है। अगर हम सब मिल जाएं तो भ्रष्टाचार खत्म हो सकता है। हम गुड गवर्नेंस में विश्वास रखते हैं। मुसीबतों की जड़ छोटी-छोटी होती है वो बाद में बड़ा वृक्ष बन जाती है। भ्रष्टाचार पर सबके सुझाव आमंत्रित है। हमने डीजल, बिजली की सब्सिडी में 50 फीसदी की बढ़ोतरी की है।
'हमें घमंडी नहीं होना चाहिए'
हमने देश को काले धन पर बोलने पर मजबूर कर दिया। हम व्यवस्था के सरलीकरण पर विश्वास करते हैं। भारत के संविधान के दायरे में हर चीज होनी चाहिए।
पीएम मोदी ने कहा कि अगर भूमि अधिग्रहण में बिल में कुछ भी किसानों के खिलाफ होगा। मैं उसमें बदलाव करने के लिए तैयार हूं। हमें घमंडी नहीं होना चाहिए कि कुछ गलत हो तो उसे ठीक न किया जाए।
भूमि अधिग्रहण बिल पर मोदी ने विपक्ष से समर्थन मांगा। उन्होंने कहा कि इस मुद्दा न बनाएं। उन्होंने कहा कि इस बिल के लिए विपक्ष को श्रेय दिया जा सकता है।
'हिंदू-मुसलमान कब तक आपस में लड़ते रहेंगे'
देश में बिगड़ते सांप्रदायिक सौहार्द पर बोलते हुए प्रधानमंत्री नोदी ने कहा कि हिंदू-मुसलमान कब तक आपस में लड़ते रहेंगे। अब उनको आपस में मिलकर गरीबी के खिलाफ लड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि 14वें वित्त आयोग की अनुशंसाओ के तहत अब राज्यों को 42 फीसदी तक केंद्र सरकार से खजाना मिल सकेगा। इससे वह अपना विकास कर सकेंगे।
सत्य एक है और विद्घान लोग उसे अलग-अलग कहते हैं। किसी धर्म के खिलाफ नहीं हमें गरीबी के खिलाफ लड़ना है। उन्होंने कहा कि मेरी सरकार की एक ही भक्ति है, देश भक्ति। मेरी सरकार की एक ही शैली है। सबका साथ, सबका विकास।
मोदी ने कहा कि जब में सबका साथ, सबका विकास की बात करता हूं तो उसमें विपक्ष की बात होगी।