भारत की धार्मिक विविधता को कायम रखने की अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की नसीहत के अगले दिन बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा कि विविधता में एकता भारत की ताकत है।
धर्म परिवर्तन और घर वापसी जैसे विवादित मुद्दे पर अब तक चुप्पी साधे मोदी ने ओबामा के सुर में सुर मिलाया है। प्रधानमंत्री का यह बयान धर्मांतरण को लेकर पिछले कुछ अर्से से जारी विवाद को देखते हुए अहम मानी जा रही है।
भारत की तीन दिवसीय यात्रा पर आए ओबामा ने मंगलवार को भारत से लौटने से पहले सिरीफोर्ट सभागार में दिए अपने आखिरी भाषण में कहा था कि भारत जब तक अपनी धार्मिक विविधता को बनाए रखेगा, तब तक वह तरक्की करता रहेगा।
उन्होंने चेताया था कि भारत को धर्म के आधार पर नहीं बंटना चाहिए। साथ ही ओबामा ने धार्मिक स्वतंत्रता संबंधी संविधान के अनुच्छेद 25 को भी मजबूत करने की सलाह दी थी। ओबामा के इस बयान के बाद विपक्षी कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर मोदी सरकार पर खासा कटाक्ष किया था।