दागी मंत्रियों को सरकार में शामिल नहीं करने की सुप्रीम कोर्ट की नसीहत को आधार बनाकर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री से उनके मंत्रिमंडल से दागी चेहरों को निकालने की मांग की है।
मगर कांग्रेस शासित राज्य सरकारों में शामिल दागी मंत्रियों को हटाने के सवाल पर पार्टी को जवाब देना भारी पड़ गया है। पार्टी ने कहा कि सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मिसाल पेश करें।
पार्टी ने साथ ही ये भी कह कर अपना चेहरा बचाया है कि वह अपने मुख्यमंत्रियों को सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का अध्ययन करने के लिए कहेगी।
कांग्रेस प्रवक्ता राजीव गौड़ा ने कहा कि पार्टी सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का स्वागत करती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में 14 चेहरे दागी हैं। मंत्रियों पर आपराधिक ही नहीं बल्कि बलात्कार के आरोप भी है।
प्रधानमंत्री को नैतिकता के आधार पर इन मंत्रियों को मंत्रिमंडल से बाहर निकालना चाहिए। हालांकि जब उनसे पूछा गया कि कई राज्यों की कांग्रेस सरकारों में कई मंत्रियों पर भी कई आपराधिक और भ्रष्टाचार के मामले चल रहे है।
क्या कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी उनको हटाने का आदेश देंगी। इस सवाल पर गौड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री पहले इस मामले में उदाहरण पेश करें। उन्होंने कहा कि पार्टी अपने मुख्यमंत्रियों को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी देखने को कहेगी।