लोनी में एक मंदिर परिसर में बने कुएं में एक कुत्ते का शव तीन दिन से पड़ा था। जब उसे निकालने की कोशिश की गई तो जहरीली गैसे से पुजारी की मौत हो गई और एक अन्य व्यक्ति बेहोश हो गया।
मंदिर के पास ही रहने वाले चिनाई मिस्त्री सूबेलाल (55) मंदिर में नियमित पूजा पाठ एवं साफ सफाई करते थे।
उनके साथ सेवादार भीम (28 वर्षीय) भी मंदिर में ही रहते थे।
अशोक विहार कॉलोनी स्थित काली मंदिर में एक 40 फीट गहरा कुंआ है। लोगों के अनुसार कई दिन से कुएं से बदबू आ रही थी।
शुक्रवार सुबह सूबेलाल ने जब कुएं में देखा तो एक कुत्ता उसमें मरा पड़ा था। शव निकालने सूबेलाल कुएं में उतरे तो वहां जहरीली गैस के कारण उनका दम घुटने लगा।
उन्होंने मंदिर के सेवादार भीम को आवाज लगाई। भीम भी कुंए के अंदर गया तो उसका भी दम घुटने लगा और वह बेहोश हो गया।
बाद में आसपास के लोगों को जब इसका पता चलता तो उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी।
जहरीली गैस का असर खत्म कर निकाले शव
थाना प्रभारी गोरखनाथ यादव ने मौके पर पहुंचकर दमकल विभाग को मदद के लिए बुलाया। करीब आधे घंटे बाद ट्रॉनिका सिटी से दमकल विभाग की एक गाड़ी मौके पर पहुंची।
कुएं में पानी डालकर गैस के असर को कम किया गया। तब जाकर कॉलोनी के लोगों ने सूबेलाल और भीम को बाहर निकाला।
दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर ले जाया गया था। वहां चिकित्सकों ने सूबेलाल को मृत घोषित कर दिया। जबकि भीम की हालत गंभीर देखते हुए उसे दिल्ली के जीटीबी अस्पताल रेफर कर दिया है। वहां उसकी हालत में सुधार बताया जा रहा है।
बीस वर्षों से मंदिर की सेवा कर रहा था सूबेलाल
कॉलोनी के लोगों ने बताया कि सूबेलाल पिछले करीब बीस साल से मंदिर के पास ही एक कमरे में रह रहा था। वह मूल रूप से बागपत जनपद के किसी गांव का रहने वाला बताया जा रहा है। जबकि भीम बीस दिन पहले ही अशोक विहार कॉलोनी में आया था। वह सूबेलाल के पड़ोस में ही रह रहा था।