रसोई गैस की कीमत एक दफा फिर झटका देने को तैयार है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की उच्च कीमत और डॉलर के मुकाबले रुपये के कमजोर होने की वजह से नवंबर में गैर रियायती एलपीजी की कीमत 30-40 रुपये प्रति सिलेंडर तक बढ़ सकती है। यह बढ़ोतरी गैर सब्सिडाइज एलपीजी, विशेष श्रेणी और व्यवसायिक सिलेंडर की कीमतों में होगी।
एक से 25 अक्तूबर के बीच डॉलर के मुकाबले रुपये की औसत कीमत 52.72 से 53.50 रुपये के बीच रही है। दूसरी ओर, भारत को प्रभावित करने वाले अरब गल्फ एलपीजी की औसत कीमत भी अक्तूबर में ज्यादा आंकी गई है। तेल कंपनियों के सूत्रों के मुताबिक इस परिप्रेक्ष्य में अगर एलपीजी मूल्य की समीक्षा की जाए तो गैर रियायती रसोई गैस के दाम 3 रुपये प्रति किलो तक बढ़ सकते हैं।
दूसरी ओर, सब्सिडी में कटौती का संकेत मिलने के कारण तेल कंपनियां गैर रियायती एलपीजी कीमतों में बढ़ोत्तरी का बोझ वहन नहीं करेगी, बल्कि इसका भार आम आदमी पर पड़ेगा। सरकार के सूत्र कहते हैं कि फिलहाल गैर रियायती सिलेंडरों को खरीदने वालों की तादाद कम है। इसलिए दाम बढ़ाने में कंपनियों को दिक्कत नहीं आएगी।
अक्तूबर के शुरुआत में गैर सब्सिडी प्राप्त एलपीजी के दाम में 127 रुपये की वृद्धि की गई थी। यह इजाफा सितंबर में अरब गल्फ एलपीजी की कीमत में 933.08 डॉलर प्रति टन रहने पर किया गया था, लेकिन अक्तूबर में अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की औसत कीमत इससे ज्यादा रही है। मालूम हो कि प्रति माह अंतरराष्ट्रीय बाजार के ट्रेंड के आधार पर केरोसिन और एलपीजी की समीक्षा की जाती है। पेट्रोल, डीजल और हवाई इंधन (एटीएफ) की समीक्षा प्रत्येक पखवाड़े होती है।
अक्तूबर में कीमत
- गैर रियायती घरेलू सिलेंडर- 883 रुपये
- विशेष श्रेणी के सिलेंडर -- 1150 रुपये
- व्यावसायिक सिलेंडर -- 1536 रुपये