वो पहले भी तीन पहिए की गाड़ी चलाते थे, जो वो अब चलाएंगे वो भी तीन पहिए की ही होगी। बस अंतर इतना है कि वो जो पहले चलाते था वो ऑटो थी, लेकिन अब वो इंडिगो का विमान होगा।
ये कहानी नहीं बल्कि श्रीकांत पंतवणे की जिंदगी की हकीकत है। जब श्रीकांत अपनी पहली उड़ान के लिए विमान पर गए तो उनके लिए इंडिगो की ऑफिसियल ट्वीटर हैंडल से ट्वीट किया गया कि हमें श्रीकांत की जिंदगी से प्रेरणा लेनी चाहिए। एक ऑटो ड्राइवर अब पायलट हो चुका है।
श्रीकांत महाराष्ट्र के नागपुर में जन्में और पले बढ़े। उनके पिता एक सिक्यूरिटी गार्ड थे। उन्होंने पढ़ने के साथ ऑटो चलाने का फैसला किया और वो एक स्कूल में डिलीवरी ब्वाय का काम करते थे।