अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को जिस रायते के दिल्ली में फैलने की बात की थी, वह आज उनकी पार्टी में दिखाई दिया।
विनोद कुमार 'बिन्नी' की बगावत के बाद पार्टी के दिग्गज नेताओं को सफाई के लिए सामने आना पड़ा। पार्टी नेता योगेंद्र यादव ने बिन्नी के आरोपों को अनुशासनहीनता बताया और कार्रवाई की बात कही।
उन्होंने कहा कि बिन्नी को अपने सवालों को पार्टी फोरम में रखना चाहिए थे लेकिन उन्होंने ऐसा न करके मीडिया के सामने अपनी बातें रखीं और अनुशासन को भंग किया। पार्टी उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी। इस संबध में उन्हें कारण बताओ नोटिस भेजी जाएगी।
गौरतलब है कि लक्ष्मीनगर विधायक विनोद कुमार 'बिन्नी' ने आज प्रेस कांफ्रेंस कर अरविंद केजरीवाल पर तीखे वार किए। उन्होंने केजरीवाल सरकार समेत आम आदमी पार्टी के नेताओं पर कई आरोप लगाए।
एक के बाद एक, गिनाते रहे आप के वादे
बिन्नी ने केजरीवाल सरकार पर आम आदमी पार्टी के घोषणापत्र में किए गए वादे पूरा न करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि पार्टी ने अपने घोषणापत्र में 700 लीटर पानी मुफ्त देने की बात की थी। लेकिन सरकार बनने के बाद वे इस वादे से मुकर गए।
आम आदमी पार्टी ने आंदोलन में शामिल लोगों के पुराने बिजली के बिलों को माफ करने की बात कही थी। पार्टी ने ये वादा भी पूरा किया।
बिन्नी ने बताया कि जनलोकपाल बिल पारित करने के लिए समयबद्घ कार्यक्रम बनाने की बात हुई थी। 14 दिनों के अंदर बिल पारित होना था, लेकिन 19 दिनों बाद भी ये बिल पारित नहीं हो पाया।
कांग्रेस से नजदीकियों पर जमकर बरसे
आम आदमी पार्टी और कांग्रेस की सांठगांठ पर बिन्नी जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सांसद संदीप दीक्षित और अरविंद केजरीवाल के बीच नजदीकियां हैं।
उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने वादा किया था कि आप की सराकर बनने के बाद पूर्व मंत्रियों के भ्रष्टाचार के मामलों की जांच कराई जाएगी। लेकिन अभी तक एक भी मंत्री के खिलाफ जांच के आदेश नहीं दिए गए।
बिन्नी ने कहा कि शीला दीक्षित के आरोपों पर केजरीवाल ने हर्षवर्धन से सबूत मांगे थे। अगर केजरीवाल के पास सबूत नहीं थे आरोप ही क्यों लगाए?
मंत्रियों ने ली वीवीआईपी नंबर की गाड़ियां
बिन्नी ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने सादगी की बात की थी, लेकिन उसके सभी मंत्रियों ने वीवीआईपी नंबर की गाड़ियां ले ली।
उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने भी बंगला लेने की कोशिश की थी। लेकिन मीडिया में बातें आने के बाद और विरोध के बाद केजरीवाल पीछे हट गए।
बिन्नी ने केजरीवाल पर तानाशाह होने के आरोप लगाया। बिन्नी ने कहा कि पार्टी में बंद कमरों के भीतर चार-पांच लोग ही निर्णय लेते हैं। केजरीवाल जो आदेश दे देते हैं, वहीं निर्णय होता है।
पार्टी में घुस रहे हैं अवसरवादी लोग
बिन्नी ने कहा कि वे आम आदमी पार्टी में तब शामिल हुए थे, जब इस पार्टी के पास देने के लिए कुछ नहीं था। मैंने इस पार्टी को दिया, पूर्वी दिल्ली की ज्यादातर सीटों पर मैंने जीत दिलाई। लेकिन अब मुझपर अवसरवादी होने के आरोप लग रहा है।
उन्होंने कहा कि अवसरवादी मैं नहीं आशुतोष जैसे लोग है। वे पार्टी में तब शामिल हुए, जब ये जीतकर सत्त में आ गई।
बिन्नी ने कहा कि 26 जनवरी तक जनलोकपाल बिल पारित नहीं किया तो 27 जनवरी से वे अनशन करेंगे। उन्होंने कहा कि आज पानी सिर से पानी जब सिर के ऊपर से गुजर गया, तब मुझे बोलना पड़ा।