एक साल में दूसरी बार राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के वृंदावन आगमन में उनकी बड़ी बहन श्रीलेखा का भी बड़ा योगदान रहा।
चैतन्य महाप्रभु के वृंदावन आगमन को 500 साल पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम का न्योता मिलने पर उनकी बहन के कहने पर प्रणब दा ने वृंदावन और राधारमण मंदिर जाने को स्वीकारोक्ति की।
कार्यक्रम में शामिल होने के लिए राष्ट्रपति की बहन श्रीलेखा भी साथ आईं। उनकी अगवानी जिला उपक्रीड़ा अधिकारी मंजू शर्मा ने की।