राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के आगमन को देखते हुए रविवार को वृंदावन में व्यापक तैयारियां की गई हैं। राष्ट्रपति यहां पर सबसे ऊंचे बनाए जाने वाले चंद्रोदय मंदिर में अनंत शेष की पूजा करेंगे।
प्रणब मुखर्जी के आगमन को देखते हुए लोगों को हिदायत दी गई है कि जो लोग वृंदावन आने का कार्यक्रम बना रहे हैं वो रविवार की दोपहर ही यहां आएं, नहीं तो उन्हें वृंदावन में राष्ट्रपति के कार्यक्रम और सुरक्षा व्यवस्था के चलते परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। शनिवार रात में ही प्रमुख मार्गों पर नो एंट्री के बोर्ड लगा दिए गए हैं।
कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर एडीजी सुरक्षा गोपाल गुप्ता और आईजी आगरा जोन सुनील कुमार गुप्ता ने शनिवार को स्थानीय केडी डेंटल कॉलेज के सभाकक्ष में 2500 जवानों को सतर्कता के संबंध में निर्देश दिए और कहा कि आत्मघाती हमले या ड्रोन हमले की संभावना को ध्यान में रखकर सजग रहना होगा।
उधर सुरक्षा के लिहाज से बांके बिहारीजी मंदिर की रसोई भी खाली करा दी गई है। पूरे वृंदावन में चप्पे-चप्पे पर यहां जवान तैनात कर दिए गए हैं। पूर्वाह्न 11:25 बजे हेलीपेड पर उतरेगा राष्ट्रपति का हेलीकॉप्टर उतरेगा। इसके बाद महामहिम 11:30 बजे चंद्रोदय मंदिर की प्रोजेक्ट साइट पर जाएंगे और 12:08 बजे अनंत शेष स्थापना पूजा करेंगे।
अपराह्न 12:15 बजे राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी शिलापट्टिका का अनावरण करेंगे। एक मिनट बाद राष्ट्रपति का संबोधन होगा। अपराह्न 12:45 बजे राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी श्री बांकेबिहारी मंदिर पहुंचेंगे। पंद्रह मिनट पूजा-अर्चना के बाद महामहिम यहां से रवाना हो जाएंगे। अपराह्न 01.25 बजे राष्ट्रपति मुखर्जी वृंदावन से दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे।
अक्षयपात्र में कार्यक्रम स्थल पर राष्ट्रपति के साथ प्रदेश के राज्यपाल रामनाईक, मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि कारागार मंत्री बलराम सिंह यादव, सांसद आस्कर फर्नांडीज, मथुरा सांसद हेमा मालिनी, अक्षयपात्र से मधु पंडितदास और चंचलापतिदास मंच साझा करेंगे।