काठमांडू सहित अन्य जगहों पर खुले आसमान के नीचे रात गुजारने वाले 25 लाख लोगों की तरह ही नेपाल के राष्ट्रपति डॉ. रामबरन यादव ने भी शनिवार को प्रेसीडेंट हाउस के बाहर पूरी रात गुजारी।
राष्ट्रपति निवास 70 साल पुराना है, जिसमें भूकंप के बाद कुछ जगहों पर दीवारों में दरारें पड़ गई हैं। इसलिए ही भूकंप के जोखिम को देखते हुए सुरक्षा कारणों से राष्ट्रपति को पूरी रात खुले आसमान के नीचे बितानी पड़ी।
यही नहीं लगातार आ रहे हल्के झटकों की वजह से राष्ट्रपति दिन में भी राष्ट्रपति भवन में नहीं गए और मैदान में ही तिरपाल के नीचे ही बैठे रहे।