राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में नरेंद्र दामोदर दास मोदी के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही वंदे मातरम से लेकर भारत माता की जय की गूंज ने रायसीना हिल्स पर देश की सत्ता बदलने का ऐलान कर दिया।
संप्रग की दस साल की सत्ता को दरवाजा दिखाने के इस जोश में राष्ट्रपति भवन में भाजपा के उत्साही कैडर शपथ ग्रहण के प्रोटोकॉल से बेपरवाह जय श्रीराम का नारा बुलंद करने से भी नहीं चूके।
हस्तियों और सितारों की मौजूदगी
विदेशी राष्ट्र प्रमुखों के साथ देश की नामचीन राजनीतिक हस्तियों और सितारों की चमकदार मौजूदगी में शाम छह बजकर दस मिनट पर नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ जैसे ही ली।
राष्ट्रपति भवन के प्रांगण के करतल ध्वनि के बीच चारों तरफ वंदे मातरम् और भारत माता की जय के उद्घोष कुछ क्षणों तक गूंजते रहे।
इसी दरम्यान अतिथि दीर्घाओं में मौजूद भाजपा-संघ के कार्यकर्ताओं ने प्रोटोकॉल को दरकिनार करते हुए जय श्रीराम के नारे भी लगा डाले।
अशोक सिंघल भी रहे मौजूद
रायसीना हिल्स पर शायद पहली बार शपथ समारोह में इस तरह के उद्घोष के गवाह बन रहे विहिप के सबसे वरिष्ठ नेता अशोक सिंहल से लेकर वहां मौजूद संघ-भाजपा के नेताओं कार्यकर्ताओं के चेहरे खुशी से दमक रहे थे।
रायसीना हिल्स की कमान नरेंद्र मोदी के हाथ में जाने का उद्घोष तो वैसे उनके शपथ से चंद मिनट पहले ही हो गया। जब शपथ समारोह के लिए 5 बजकर 55 मिनट पर वहां पहुंचे मोदी के आगमन के ऐलान के साथ ही राष्ट्रपति भवन का प्रांगण मोदी-मोदी के नारों से गूंजने लगा।
विदेशी मेहमानों का भी किया स्वागत
वैसे भारत की लोकतांत्रिक सत्ता के नए नायक मोदी के लिए दिखाई गई दीवानगी के बावजूद इस समारोह में मौजूद चार हजार से ज्यादा अतिथियों ने नए प्रधानमंत्री के सबसे खास विदेशी मेहमान पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ का इस्तकबाल करने में भी खूब दिलेरी दिखाई।
मोदी और नवाज के बाद पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के स्वागत के लिए दिखाई गई गर्मजोशी भी काबिले गौर रही।
सत्ता बदलने का एक प्रतीक शपथ समारोह में साफ-साफ नजर आया जब वीवीआईपी मेहमानों के बीच बैठीं कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उनके पुत्र राहुल गांधी निरपेक्ष तरीके से इस चमकदार समारोह में अपनी औपचारिक मौजूदगी का ही अहसास करा रहे थे।
स्मृति ने आडवाणी के पैर छूकर लिया आशीर्वाद
वहीं मोदी सरकार का हिस्सा नहीं बनने के बावजूद वहां मौजूद भाजपा के दिग्गज लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी से आशीर्वाद लेने वाले नेताओं की संख्या कम नहीं थी। इसमें मोदी सरकार के कुछ मंत्री भी शामिल थे।
कैबिनेट मंत्री की शपथ लेने पहुंचीं स्मृति ईरानी ने तो बाकायदा आडवाणी का चरण छूकर उनका आशीर्वाद लिया।