दाऊद इब्राहिम की लोकेशन पर सरकार की फजीहत की गाज किसी वरिष्ठ अधिकारी पर गिर सकती है। ऐसी खबरें हैं कि इस मामले पर विपक्ष के हमलावर होने के बाद सरकार ने अंदरखाने जांच शुरू कर दी है।
आंतरिक सुरक्षा से जुड़े महकमे में यह पता किया जा रहा है कि मंत्री का यह बयान किसने तैयार किया है। जिस भी अधिकारी ने यह बयान तैयार किया होगा उसने अंदाजा नहीं लगाया होगा कि यह मामला इतना तूल पकड़ लेगा। अब सरकार इस मुद्दे पर अपना रिकार्ड ठीक करने के लिए कार्रवाई को तैयार है और यह किसी अफसर की बलि के तौर पर हो सकती है।
दाऊद को लाने में सरकार की इच्छाशक्ति आती है आड़े?
सीबीआई के पूर्व निदेशक जोगिंदर सिंह कई मंच पर खुलेआम बोल चुके हैं कि जिस दिन सरकार की इच्छाशक्ति मजबूत हो जाएगी दाऊद को भारत लाया जा सकता है। दिल्ली पुलिस के पूर्व कमिश्नर और बतौर सीबीआई अधिकारी 1993 धमाके की जांच करने वाले नीरज कुमार ने भी कहा है कि 1994-95 में दाऊद खुद आत्मसमर्पण कर भारत आने को इच्छुक था।
लेकिन उस वक्त सरकार ने ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाई। खुफिया एजेंसियों के सूत्रों के मुताबिक, यूपीए कार्यकाल के अंतिम दौर में भी दाऊद को भारत लाने की कवायद जोर-शोर से चल रही थी। बताया जाता है कि पाकिस्तान के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री नवाज शरीफ तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को दाऊद को तोहफे के तौर पर देना चाहते थे।
प्रतिक्रियाओं का दौर जारी
गृह मंत्रालय की ओर से अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के ठिकाने के बारे में अनभिज्ञता जताने पर मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर एमएन सिंह ने निराशा जताई है। उन्होंने कहा कि डॉन के बारे में सरकार का इस प्रकार का रुख एक बड़ी भूल है। सिंह ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा कि हमारी खुफिया एजेंसियों ने साबित किया है कि दाऊद इब्राहिम आईएसआई की पनाह में है।
वहीं अपनी कल की बात से पलटते हुये गृहराज्य मंत्री हरिभाई ने आज कहा कि 'हम दाउद का पता नहीं जानते लेकिन हम हम ये जानते हैं कि वो पाकिस्तान में है'। भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा है कि 'सरकार अपनी तरफ से कड़े कदम उठा रही है'। कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा है कि 'सरकार इस मामले में झूठ बोल रही है। दाउद कोई छोटा अपराधी नहीं है'।
ये था गृह राज्यमंत्री का बयान
गौरतलब है कि मंगलवार को गृहराज्य मंत्री हरिभाई परथाभाई चौधरी ने लोकसभा
में बताया कि 1993 के मुंबई धमाकों के मुख्य आरोपी दाऊद का ठिकाना अब तक
नहीं खोजा जा सका है। जिसके बाद से सभी की प्रतिक्रियाओं का आना शुरू हो गया था।