केंद्र सरकार दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले वर्ष 1984 सिख दंगों के मामलों की दोबारा जांच शुरू करने की संभावना पर गंभीरता से विचार कर रही है। इसके मद्देनजर सरकार ने मंगलवार को सर्वोच्च अदालत के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जीपी माथुर की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया है।
यह समिति सरकार को बंद मामलों को फिर से खोलने और उसकी जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) बनाए जाने संबंधी उपाय सुझाएगी। इसके अलावा समिति दंगा पीड़ितों की शिकायतों और पांच लाख की अतिरिक्त अनुदान राशि के भुगतान संबंधी मुश्किलों को भी सुलझाएगी।
इस फैसले को फरवरी के शुरू में दिल्ली में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अहम माना जा रहा है। पूरे देश के 3325 दंगा पीड़ितों में से 2773 दिल्ली के नागरिक हैं। अक्तूबर 1984 में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सिख सुरक्षाकर्मियों द्वारा की गई हत्या के बाद सिख विरोधी दंगे भड़के थे।