समुद्र के किनारे रहने वाले मछुआरे तूफान की तीव्रता भांपने के लिए मौसम विभाग के पूर्वानुमान पर नहीं, बल्कि अपने पारंपरिक ज्ञान पर भरोसा करते हैं।
ओडिशा के गंजम जिले के पोडंपेटा गांव के लोगों को अपने इस ज्ञान पर इतना भरोसा है कि एक हफ्ते पहले से समुद्री तूफान 'हुदहुद' की चेतावनी के बावजूद लगभग 2000 लोगों के इस गांव का एक भी आदमी गांव छोड़कर कहीं नहीं गया।
लेकिन ठीक एक वर्ष पहले 'पायलिन' के दौरान इसी गांव के सभी लोग यहां से करीब पांच किलोमीटर दूर स्थित एक तूफान आश्रय स्थल में चले गए थे। उनका कहना है कि उन्हें पता था कि तूफ़ान बेहद भयंकर होगा।