दागी नेताओं को बचाने वाले अध्यादेश वापसी का श्रेय लेने की राजनीतिक दलों की कवायद को थामने के लिए अब राष्ट्रपति खुद मैदान में उतर आए हैं।
यूरोप की यात्रा पर निकले प्रणब मुखर्जी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि आडवाणी का यह कहना कि अध्यादेश वापसी का श्रेय मुझे जाता है, एक कयास की तरह है।
राष्ट्रपति ने कहा मैं विपक्ष के विचारों पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकता। जो भी इस अध्यादेश को लेकर मुझसे मिलना चाहता था, मैंने उनको समय दिया। मुझे अध्यादेश के खिलाफ कई लोगों ने ज्ञापन सौंपा था।
प्रणब ने कहा, इस मामले में मेरी प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से बात हुई थी और क्या हुआ यह आप सभी जानते हैं। पाक से रिश्तों को लेकर पूछे जाने पर प्रणब ने कहा कि आतंकी ढांचे को समाप्त किए बिना पाक से बात नहीं की जा सकती।
जब तक पाक आतंकी शिविरों को नष्ट नहीं करता, बातचीत का माहौल नहीं बन सकता है।