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राष्ट्रपति की नसीहत, आपसी विश्वास मजबूत करे पाक

Fri, 22 Feb 2013 01:14 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
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राष्ट्रपति रणब मुखर्जी ने पाकिस्तान को कड़ी नसीहत देते हुए कहा कि वह ऐसे काम न करे, जिससे दोनो देशों के बीच अविश्वास की खाई और गहरी हो। साथ ही पाकिस्तान अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करे। भारत इस उप-महाद्वीप में शांति, स्थिरता, सहयोग एवं आर्थिक विकास बनाए रखना चाहता है। इसके लिए देश अपने पड़ोसियों के साथ संबंधों को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है।
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संसद के केंद्रीय कक्ष में दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को पहली बार संबोधित करते हुए मुखर्जी ने कहा कि भारत ने पाकिस्तान के साथ संबंधों को सामान्य बनाने, द्विपक्षीय व्यापार तंत्र को मजबूत करने और दोनों देशों की जनता के बीच परस्पर संबंधों को बढ़ाने की दिशा में प्रगति की है और आगे भी इसके लिए प्रतिबद्ध है। फिर भी जरूरी है कि पाकिस्तान अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करे और ऐसे कार्य न करे, जिससे आपसी विश्वास में किसी तरह की कमी हो।

उन्होंने बताया कि अफगानिस्तान अगले वर्ष से राजनीतिक एवं सुरक्षा व्यवस्था में परिवर्तन के लिए तैयार हो रहा है। अफगानिस्तान में शांति बनाए रखने और आतंकवाद एवं उग्रवाद से लड़ने के लिए भारत उसे सहयोग देता रहेगा।
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बांग्लादेश का उल्लेख करते हुए मुखर्जी ने कहा कि उसके साथ हुए भू-सीमा करार एवं इसके 2011 के प्रोटोकॉल के उपबंधों को लागू करने के लिए एक संवैधानिक संशोधन विधेयक संसद में प्रस्तुत करने की योजना है। इससे सीमा प्रबंधन और घरेलू सुरक्षा मजबूत होगी। श्रीलंका के साथ भी आपसी संबंध मजबूत हुए हैं।

मुखर्जी ने कहा कि चीन के साथ भारत के संबंधों को मजबूत करने के लिए वहां के नए नेतृत्व के साथ कार्य करने को भारत इच्छुक है। जापान हमारे ढ़ांचागत विकास के प्रयासों में मुख्य भागीदार है। वामपंथी उग्रवाद से निपटने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए उन्होंने कहा कि वामपंथी उग्रवादी हिंसा की घटनाओं में कमी हो रही है।

जम्मू कश्मीर और पूर्वोत्तर में सुरक्षा की स्थिति में काफी सुधार हुआ है। वर्ष 2011 की तुलना में वर्ष 2012 में आतंकवादी हिंसा की घटनाओं में मृतकों की संख्या घटकर लगभग आधी रह गई है।
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